CAA: अब CM स्टालिन का ऐलान- तमिलनाडु में नहीं लागू करेंगे CAA
CAA Rules Notification: लोकसभा चुनाव के पहले CAA से जुड़े नियमों को अधिसूचित कर दिया गया है. ऐसे में विपक्षी दल इसकी टाइमिंग को लेकर हमलावर हैं. वहीं बीजेपी इसे अपना वादा बता रही है.
एबीपी लाइवLast Updated: 12 Mar 2024 02:18 PM
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CAA Rules Notification: लोकसभा चुनाव 2024 का शेड्यूल आने से पहले सीएए का नोटिफिकेशन आ चुका है. 11 मार्च, 2024 को एनडीए सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की...More
CAA Rules Notification: लोकसभा चुनाव 2024 का शेड्यूल आने से पहले सीएए का नोटिफिकेशन आ चुका है. 11 मार्च, 2024 को एनडीए सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की गई तो विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया. कांग्रेस से लेकर आम आदमी पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआई ने इस पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की कोशिश की. किसी ने कहा कि चुनावी बॉन्ड के मसले पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद यह ऐलान सिर्फ और सिर्फ ‘सुर्खियां बटोरने’ का प्रयास है तो कोई नेता इसे पूरी तरह से सांप्रदायिक उद्देश्यों के साथ विभाजनकारी और नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताता दिखा.पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की घोषणा (बंगाल में वह इसे लागू नहीं होने देंगी) के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने ऐलान किया कि उनके नेतृत्व वाली सरकार राज्य में सीएए लागू नहीं करेगी, जबकि ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव ए के पलानीस्वामी ने सीएए की आलोचना की और बताया कि केंद्र सरकार ने इसके कार्यान्वयन के साथ एक ऐतिहासिक भूल की है. वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि अगर एनआरसी के लिए आवेदन न करने वाले किसी व्यक्ति को नागरिकता मिल जाती है तो वह इस्तीफा देने वाले पहले व्यक्ति होंगे. हालांकि, सियासी गलियारों में ऐसी चर्चा है कि यह मोदी-बीजेपी के लिए बड़े मास्टरस्ट्रोक के रूप में साबित हो सकता है.केंद्र ने सोमवार को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA)-2019 को लागू करने की घोषणा की. विवादास्पद कानून को पारित किए जाने के चार साल बाद केंद्र के इस कदम के कारण पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आने वाले गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करने का रास्ता साफ हो गया है. सीएए के नियम जारी हो जाने के साथ ही अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इन तीन देशों के प्रताड़ित गैर-मुस्लिम प्रवासियों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को भारतीय नागरिकता देना शुरू कर देगी. केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और प्रतिबद्धता पूरी की है और संविधान निर्माताओं के वादे को साकार किया है.साल 2019 में संसद से पारित हुआ था CAAगृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 कहे जाने वाले ये नियम CAA-2019 के तहत पात्र व्यक्तियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए आवेदन करने में सक्षम बनाएंगे.’’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में जमा किए जाएंगे जिसके लिए एक वेब पोर्टल उपलब्ध कराया गया है.’’ एक अधिकारी ने कहा कि आवेदकों से कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा.भारतीयों की नागरिकता से नहीं है इसका लेना-देनासीएए को दिसंबर, 2019 में संसद में पारित किया गया था और बाद में इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई थी, लेकिन इसके खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे. यह कानून अब तक लागू नहीं हो सका था क्योंकि इसके कार्यान्वयन के लिए नियमों को अब तक अधिसूचित किया जाना बाकी था. ये नियम अब पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक आधार पर प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को हमारे देश में नागरिकता प्राप्त करने में सक्षम बनाएंगे.
CAA LIVE News: नागरिकता देने को भारत सरकार लाई खास पोर्टल
CAA के तहत भारत के तीन पड़ोसी देशों के सताए हुए गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारत की नागरिकता देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को खास पोर्टल लॉन्च किया. सरकार के प्रवक्ता की ओर से बताया गया, "सीएए-2019 के तहत नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 अधिसूचित कर दिए गए हैं और नया पोर्टल ‘लॉन्च’ किया गया है." प्रवक्ता ने यह भी जानकारी दी कि सीएए-2019 के तहत पात्र व्यक्ति पोर्टल पर नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं. बाद में सरकार 'सीएए-2019' नाम का मोबाइल ऐप भी लाएगी.
CAA LIVE News: सीएए पर मुसलमानों से महबूबा मुफ्ती ने की खास अपील, जानिए क्या कहा
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सीएए को लेकर बीजेपी को घेरा है. मंगलवार को एक्स पोस्ट के जरिए उन्होंने कहा कि विभाजन के 77 साल बाद भी बीजेपी हिंदू महासभा की टू नेशन थ्योरी से जुड़ी हुई है. इसी एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने सीएए लागू किया है ताकि लोगों के बीच एक और विभाजन हो जाए. सरकार का यह कदम हर मोर्चे पर विफलताओं को छिपाने और लोगों को नफरत वाली राजनीति में उलझाने के मकसद से उठाया गया हताशा भरा कदम है. मेरी सभी समुदायों से (खासकर मुस्लिमों से) अपील है कि वे इनके जाल में न फंसे.
CAA LIVE News: CAA पर IUML-DYFI ने खटखटाया SC का गेट, कहा- यह मुस्लिमों से करता है भेदभाव
सीएए लागू करने के खिलाफ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. उनकी ओर से वहां कहा गया, "यह कानून मुस्लिमों से भेदभाव करता है. मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है. सरकार को इसे लागू नहीं करना चाहिए था."
CAA LIVE News: इंडिया में सीएए के आने पर क्या बोला USA?
अमेरिका के हिंदू संगठनों ने कहा कि भारत में सोमवार को अधिसूचित किया गया नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) काफी समय से लंबित था और यह अमेरिका में धार्मिक शरणार्थियों के लिए लागू किए गए लॉटेनबर्ग संशोधन को प्रतिबिंबित करता है. भारत सरकार ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम -2019 के नियमों की अधिसूचना सोमवार को जारी की. इस कानून को पारित किए जाने के चार साल बाद उठाए गए केंद्र सरकार के इस कदम के कारण पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आने वाले गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करने का रास्ता साफ हो गया है.
CAA LIVE News: मोदी सरकार का मकसद धर्म के नाम पर वोट मांगना है- जयराम रमेश
सीएए को लेकर कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने मंगलवार (12 मार्च, 2024) को कहा- मेरा सवाल यही है कि मोदी सरकार ने इसे लाने के लिए चार साल तीन महीने क्यों लगाए? यह रूल पहले क्यों नहीं लाया गया था. साल 2021, 2022 या फिर 2023 में इसे क्यों नहीं लाया गया? चुनावी माहौल के बीच इसे क्यों लाया गया? खासकर पश्चिम बंगाल और असम में चुनावी वातावरण में ध्रुवीकरण करने के लिए इसे लाया गया है. इनका मकसद सिर्फ और सिर्फ पोलराइजेशन (ध्रुवीकरण) करते हुए धर्म के नाम पर वोट मांगना है.
CAA LIVE News: AIMJ के अध्यक्ष ने कहा- CAA का स्वागत करें हिंदुस्तान के मुसलमान
सीएए को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा- मैं इस कानून का स्वागत करता हूं. हिंदुस्तान के मुसलमानों को भी सीएए का स्वागत करना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि उन पर सीएए का असर नहीं पड़ेगा. इसका देश के मुस्लिमों से कोई लेना-देना नहीं है.
CAA LIVE Updates: सामाजिक घुव्रीकरण के लिए है सीएए- जयराम रमेश
सीएए को लेकर कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने गुजरात के सूरत में मंगलवार को कहा कि यह बिल्कुल सामाजिक घुव्रीकरण के लिए है. इसे असम और पश्चिम बंगाल चुनाव को देखकर लाया जा रहा है. दोनों सूबों में इसका फायदा उठाने की कोशिश की जाएगी. बीजेपी के मुद्दे विभाजनकारी हैं और उनमें राजनीतिक तानाशाही नजर आ रही है. चार साल तीन महीने इस कानून को बनाने में लगे हैं.
CAA LIVE Updates: पूर्वोत्तर के जनजातीय इलाके CAA के दायरे से Out
नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) 2019 पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकांश जनजातीय क्षेत्रों में लागू नहीं किया जाएगा, जिनमें संविधान की छठी अनुसूची के तहत विशेष दर्जा प्राप्त क्षेत्र भी हैं. यह कानून सोमवार को लागू हुआ है. कानून के मुताबिक, इसे उन सभी पूर्वोत्तर राज्यों में लागू नहीं किया जाएगा जहां देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोगों को यात्रा के लिए ‘इनर लाइन परमिट’ (आईएलपी) की आवश्यकता होती है. आईएलपी अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मिजोरम और मणिपुर में लागू है. अधिकारियों ने नियमों के हवाले से कहा कि जिन जनजातीय क्षेत्रों में संविधान की छठी अनुसूची के तहत स्वायत्त परिषदें बनाई गई हैं, उन्हें भी सीएए के दायरे से बाहर रखा गया है. असम, मेघालय और त्रिपुरा में ऐसी स्वायत्त परिषदें हैं.
CAA LIVE Updates: बोले ओवैसी- संघियों को पहले हुआ चौकीदार से प्यार, अब शायद रद्दी वाले को दे दिया दिल
सीएए का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पोस्ट के जरिए कहा- संघियों को दो करोड़ नौकरियां नहीं मिली मगर इनको कागज लेकर लाइन में खड़े होने का शौक है. साल 2019 में चौकीदार से प्यार हुआ था और अब शायद रद्दी वाले को दिल दे दिया. जब देखो तब कागज मांगते रहते हैं.
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने किया CAA कानून का स्वागत
CAA नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने CAA कानून लागू कर दिया है और हम इसका स्वागत करते हैं. ये पहले ही लागू कर दिया जाना चाहिए था. उन्होंने आगे कहा कि इस कानून को लेकर मुस्लिम समुदाय के बीच बहुत सी भ्रांतियां हैं. इस कानून का मुस्लिम समुदाय से कोई संबंध नहीं है.