- आंखों को जितना हो सके मोबाइल और लैपटॉप से दूर रखें.
- फौरन किसी अच्छे आई स्पेशलिस्ट से संपर्क करें और बिना उनकी सलाह के किसी भी प्रकार की दवा या फिर आईड्रॉप का प्रयोग ना करें.
- आंखों को धुएं से बचाएं.
- अधिक से अधिक पानी पिएं और विटामिन ए, सी, ई और ओमेगा फैटी ऐसिड युक्त खाद्य पदार्थो का सेवन करें.
- बिना डॉक्टर की सलाह के कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग न करें.
विंटर्स में आंखों की ड्राईनेस को किया इग्नोर तो...
एजेंसी | 09 Dec 2016 08:55 AM (IST)
नई दिल्ली: ड्राई आइज आांखों की एक समस्या है, जो समय के साथ अधिक से अधिक लोगों को अपनी गिरफ्त में लेती जा रही है. यह समस्या वैसे तो सामान्य है, लेकिन इसे नजरअंदाज करने पर यह आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है. चलिए, आपको बताते हैं ड्राई आईज क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है. क्या है ड्राइ आइज : ड्राई आईज के दौरान आंखों की नमी खत्म हो जाती है जो कि आंखों के लिए हानिकारक है. लक्षण : आंखों में खुजली, जलन, संवेदनशीलता, लाली, आंखों की नमी का अचानक कम हो जाना इसके कुछ सामान्य लक्षण हैं. कारण :- स्मॉग: आई टेक विजन सेंटर की आई स्पेशलिस्ट डॉ.अंशिमा का कहना है कि विंटर्स आंखों की समस्याओं का बढ़ा देता है क्योंकि इस दौरान स्मॉग (फॉग और धुएं का मिश्रण) बहुत बढ़ जाता है, जिसकी वजह से आंखों की ड्राई आइज जैसी समस्या भी बढ़ जाती हैं. सर्जरी : कई बार ऐसा भी देखा गया है कि किसी भी प्रकार की आंखों की सर्जरी के बाद कुछ समय तक ड्राई आइज की समस्या हो जाती है. हॉर्मोन संबंधी कारण : ड्राई आइज की समस्या पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को अधिक होती है, जिसका कारण प्रेग्नेंसी या गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन की वजह से महिलाओं के हार्मोन में आया बदलाव हो सकता है. मेकअप : हेवी आई मेकअप से कई बार ऐसा होता है कि आखों के ऑयल ग्लैंड्स में ब्लॉकेज हो जाता है, जिसके कारण भी ड्राई आइज की समस्या होती है . इलाज : -