आज के समय में मार्केट में सभी चीजें मिलावटी होती है. लंबे समय तक मिलावटी चीज खाने से हमारे शरीर में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों वाले सेल्स का ग्रोथ होने लगता है. किसी भी चीज को एक बार खाने से भले ही वह हमारे शरीर में नुकसान न पहुंचाएं लेकिन बार-बार और लंबे समय तक खाने से जरूर नुकसान होता है. कई अध्ययनों के अनुसार हमारे घर में ही मौजूद कई चीजें है, जिनका सेवन व्यक्ति रोजाना करता है और वहीं आगे चल कर कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बनता है. इसी में एक है आटा. रोजाना घरों में बनने वाली रोटी भी कैंसर सेल्स को बढ़ाने का काम करती है.
क्या रोटी से होता है कैंसर?
बात करें आटे की तो आटा ज्वार, बाजरा, गेंहू किसी का भी हो उससे कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन उसकी रोटी बनाने के तरीके से काफी फर्क पड़ सकता है. किसी भी आटे की रोटी को खाने से कैंसर होने का कोई पुख्ता सबूत नहीं है लेकिन उनके बनाने के तरीके से जरूर है. अगर हम उस तरीके से बना कर लंबे समय तक उसका सेवन करेंगे तो आगे चलकर कैंसर जैसी बड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, कई जगहों पर मैदा का सेवन करने के लिए मना किया जाता है. आइए समझते हैं इसके पीछे का कारण.
मैदा ज्यादा खाना खतरनाक
मैदा यानि की रिफाइंड व्हीट फ्लोर और व्हाइट फ्लोर को लेकर कई शोधों में दावा किया गया है कि लंबे समय तक इसका सेवन करने से लोगों को बड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है. मैदा बनाने के प्रोसेस में उसमें सभी प्रकार के मिनरल्स खत्म हो जाते हैं, जिसके कारण उसको खाने से ब्लड शुगर बढ़ाता है. साथ ही साथ लंबे समय तक इसका सेवन करने से लोगों को कोलन, ब्रेस्ट, गैस्ट्रिक और एंडोमेट्रियल जैसे कैंसर का खतरा होता है.
बासी और फफूंद वाली रोटी
अगर लोग लंबे समय तक बासी रोटी का सेवन करते हैं. तो उसमें मौजूद टॉक्सिन लंबे समय तक सेवन से कैंसर जैसी बीमारियों को पैदा करते हैं.
जली रोटी को खाना
अगर रोटी काफी ज्यादा जल कर काली हो जाती है तो उसमें Acrylamide बनता है, जो की लंबे समय तक सेवन करने के कारण कैंसर के सेल्स को पैदा करता है.
क्या खाए, जिससे हमारा शरीर हेल्दी रहें?
अगर आप सबसे सुरक्षित और फायदेमंद आटा खाना चाहते हैं तो होल वीट आटा अर्थात चोकर युक्त गेंहू का आटा खाएं. इनमें सभी प्रकार के मिनरल्स मौजूद होते है, जो हमारे शरीर में हेल्दी सेल्स की ग्रोथ के लिए काफी जरूरी होते हैं. इसके अलावा आप ज्वार, बाजरा और रागी के आटे की रोटी भी खा सकते हैं.
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