Heart Attack Risks: अनहेल्दी लाइफस्टाइल और बढ़ते स्ट्रेस की वजह से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है. हार्ट अटैक में ब्लड फ्लो रूक जाता है. इस स्थिति में हार्ट में ब्लड सर्कुलेट नहीं हो पाता है. इन दिनों महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा काफी तेजी से बढ़ रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 18 से 35 साल की उम्र की महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा काफी तेजी से बढ़ रहा है. ऐसा माना जाता है कि हार्ट अटैक से पहले महिलाओं का शरीर संकेत देने लगता है. ऐसे में जरूरी है कि इन लक्षणों को पहचानकर तुरंत डॉक्टर से संपर्क की जरूरत होती है.
महिलाओं में हार्ट अटैक का कारण
हाई कोलेस्ट्रॉल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर महिलाओं को हाई कोलेस्ट्रॉल से बचाव करता है, लेकिन मेनोपॉज के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर कम होने लगता है, जिसकी वजह से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है. इसकी वजह से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है.
हाई ब्लड प्रेशर
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में ब्लड प्रेशर का बढ़ना काफी आम है, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकता है. इसके अलावा कुछ महिलाएं बर्थ कंट्रोल पिल्स का सेवन करती हैं, जिसका हार्ट पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है. इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है.
मानसिक समस्याएं
पुरुषों की तुलना में महिलाओं को स्ट्रेस, एंजायटी और डिप्रेशन काफी ज्यादा रहता है. इसकी वजह से महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा काफी ज्यादा बढ़ता है. इसके अलावा इसकी वजह से कई तरह की मानसिक समस्याएं बढ़ती हैं.
मोटापा और डायबिटीज
मोटापे और डायबिटीज की वजह से भी महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है. इसके अलावा कैंसर या किडनी फेलियर जैसी स्थिति में भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है.
महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण
- हड्डियों में दर्द होना.
- छाती में दर्द और चुभन होना.
- चक्कर और कमज़ोरी के साथ सांस चढ़ना, सिर दर्द होना और चक्कर आना.
- हार्ट बीट काफी तेज से बढ़ना