रेबीज एक बहुत गंभीर और जानलेवा बीमारी है. किसी रेबीज संक्रमित जानवर के काटने पर अगर समय पर एंटी रेबीज का टीका न लगे, तो इस बीमारी में जान बच पाना नामुमकिन हो जाता है. आमतौर पर लोग जानते हैं कि कुत्ते या अन्य जानवर के काटने से रेबीज फैलता है. लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या कुत्ते के जूठे खाने या दूध पीने से भी रेबीज हो सकता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्या कुत्ते के जूठे खाने से हो सकता है और यह खतरनाक बीमारी कैसे फैलती है. कैसे फैलता है रेबीज? एक्सपर्ट्स बताते हैं कि रेबीज वायरस मुख्य रूप से संक्रमित जानवर की लार में पाया जाता है. यह वायरस तब इंसान के शरीर में प्रवेश करता है, जब संक्रमित कुत्ता या जानवर काटता है और उसकी लार खुले घाव या कट के संपर्क में आती है. यही वजह है कि रेबीज का सबसे आम कारण जानवर का काटना माना जाता है. डॉक्टर के अनुसार, जानवर के काटने के 24 घंटे के अंदर एंटी रेबीज टीका लगवाना जरूरी होता है. इसके बाद डॉक्टर की सलाह के अनुसार टीकों का पूरा कोर्स करना होता है, जिससे वायरस शरीर में फैलने से पहले ही खत्म हो जाता है. क्या कुत्ते के जूठे खाने से भी हो सकता है रेबीज? कुत्ते के जूठे खाने से रेबीज होने को लेकर यह सवाल कई लोगों के मन में उठता है. इसे लेकर एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अगर कोई व्यक्ति कुत्ते का जूठा दूध पी ले तो इससे रेबीज फैलने का कोई वैज्ञानिक रूप से प्रमाणिक मामला अब तक सामने नहीं आया है, हालांकि यह जरूरी है कि दूध उबला हुआ हो. अगर दूध 50 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान पर उबाल गया है तो चिंता की बात नहीं है. लेकिन अगर किसी ने कच्चा दूध पी लिया तो डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है. वहीं कुत्ते का जूठा खाने को लेकर पहले भी कई मामले सामने आए हैं. दरअसल कुछ समय पहले छत्तीसगढ़ के एक स्कूल में बच्चों को कुत्ते का जूठा खाना खिला दिया था, जिसके बाद हाईकोर्ट ने हर एक बच्चे को 25-25 हजार रुपये का मुआवजा दिया. इसके साथ यह भी सुनिश्चित किया था कि सभी बच्चों को एंटी रेबीज वैक्सीन पूरी दी जाए. क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि रेबीज वायरस बाहरी वातावरण में ज्यादा देर तक जिंदा नहीं रहता और जल्दी नष्ट हो जाता है. आज तक ऐसा कोई मामला रिपोर्ट नहीं हुआ है, जिसमें इंसान के पेट में जाकर यह वायरस रेबीज का कारण बना हो. हालांकि अगर किसी व्यक्ति ने कच्चा दूध पिया हो, उसके मुंह में छाले या घाव हो तो संक्रमण का खतरा हो सकता है. वहीं उबला हुआ दूध पीने से रेबीज का कोई खतरा नहीं माना जाता है. अगर दूध को जूठा करने वाले कुत्ते का व्यवहार सामान्य न हो या दूध बिना उबला पिया गया हो तो ऐसी कंडीशन में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. वहीं टीका लगवाना है या नहीं इसका फैसला डॉक्टर जांच करके बताते हैं.