महाराष्ट्र सरकार ने राज्य भर में बिना मंजूरी वाले रसायनों से बनी अवैध मच्छर अगरबत्तियों के खिलाफ एक व्यापक प्रवर्तन अभियान शुरू किया है. कृषि विभाग ने विशेष रूप से 'कंफर्ट' और 'स्लीप वेल' ब्रांड के तहत बेची जा रही अगरबत्तियों को लक्षित किया है, क्योंकि इनमें डाइमेफ्लुथ्रिन और मेपरफ्लुथ्रिन जैसे कीटनाशक केमिकल पाए गए हैं, जो अगरबत्ती के रूप में उपयोग के लिए स्वीकृत नहीं हैं.

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कृषि निदेशक, महाराष्ट्र ने सभी विभागीय संयुक्त कृषि निदेशकों और कीटनाशक निरीक्षकों को एक ताजा सरकुलर जारी किया है. इस आदेश के तहत कीटनाशक अधिनियम, 1968 और कीटनाशक नियम, 1971 के तहत तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही अधिकारियों को छापेमारी करने, अवैध स्टॉक जब्त करने और दोषी निर्माताओं, वितरकों व खुदरा विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करने को कहा गया है.

कृषि आयुक्तालय को सौंपनी होगी रिपोर्ट

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इतना ही नहीं सरकुलर में कहा गया है कि क्षेत्रीय अधिकारियों को अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट सीधे कृषि आयुक्तालय को सौंपनी होगी ताकि पूरे राज्य में एक समान और समयबद्ध प्रवर्तन सुनिश्चित हो सके. यह कार्रवाई मुंबई में "कंफर्ट" ब्रांड के खिलाफ की गई पिछली प्रवर्तन गतिविधियों के बाद शुरू हुई है, जिसे अब पूरे महाराष्ट्र में विस्तार दिया गया है.

मानव स्वास्थ्य के लिए पैदा हो सकता है जोखिम

महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में की गई जांच और प्रयोगशाला परीक्षणों से यह पुष्टि हुई है कि इन अगरबत्तियों में ऐसे पंजीकृत रसायनों की मौजूदगी है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं. जांच में पाया गया कि इन उत्पादों को बिना किसी नियामक मंजूरी के बेचा जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं में सुरक्षा को लेकर भ्रम पैदा हो रहा था.

उद्योग जगत ने किया स्वागत

होम इंसेक्ट कंट्रोल एसोसिएशन (HICA) ने सरकार के इस कदम की सराहना की है. संगठन के मानद सचिव जयंत देशपांडे ने कहा है, "अवैध और बिना मंजूरी वाले रसायनों का दुरुपयोग सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत चिंताजनक है. यह प्रवर्तन उन लोगों के हित में है जो अनजाने में नकली मच्छर अगरबत्तियां खरीदते हैं."

उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सलाह

अधिकारियों और विशेषज्ञों ने नागरिकों और दुकानदारों को निम्नलिखित चेतावनियां जारी की हैं...

  • रिटेलर्स को चेतावनी: दुकानदार इन अवैध उत्पादों का स्टॉक रखना और बेचना तुरंत बंद कर दें.
  • रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच: उपभोक्ता केवल वही मच्छर भगाने वाले उत्पाद खरीदें जिन पर वैध CIBRC पंजीकरण संख्या अंकित हो.
  • सुरक्षा सर्वोपरि: बिना मंजूरी वाले कीटनाशक युक्त अगरबत्तियों का धुआं फेफड़ों और स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है.

सरकार की यह कार्रवाई अवैध निर्माताओं को एक कड़ा संदेश है कि जनता की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.