Black Mamba Hunting: तेज रफ्तार, जानलेवा जहर और बेहद हमलावर तेवर, यह तीनों खूबियां जिस सांप में एक साथ मिलती हैं, उसका नाम है ब्लैक मांबा. अफ्रीका के इस सांप को धरती का सबसे तेज और सबसे खतरनाक सांप माना जाता है, और इसकी वजह सिर्फ रफ्तार नहीं, बल्कि शिकार करने का इसका बेहद शातिर तरीका भी है.
12.5 मील प्रति घंटे की रफ्तार
ब्लैक मांबा करीब 12.5 मील प्रति घंटे यानी 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रेंग सकता है, जो इसे दुनिया का सबसे तेज सांप का दर्जा रखता है. लेकिन इसकी असली ताकत सिर्फ स्पीड में नहीं, बल्कि खामोशी से शिकार को दबोचने की चालाकी में छिपी है.
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नाम के पीछे की कहानी दिलचस्प है
दक्षिण और पूर्वी अफ्रीका की सवाना और पहाड़ी इलाकों में पाया जाने वाला यह सांप अफ्रीका का सबसे लंबा जहरीला सांप है, जो औसतन 8.2 फीट और अधिकतम 14 फीट तक लंबा हो सकता है. दिलचस्प बात यह है कि इसका रंग जैतूनी या स्लेटी होता है, फिर भी इसे ब्लैक' मांबा कहा जाता है, क्योंकि खतरा महसूस होने पर यह अपना मुंह खोलता है, और मुंह के अंदर का नीला काला रंग ही इसकी असली पहचान बन जाता है.
कोने में फंसते ही बदल जाता है रूप
हैरानी की बात यह है कि यह सांप तेवर से हमलावर नहीं, बल्कि शर्मीला होता है और इंसान को देखते ही भागने की कोशिश करता है. लेकिन अगर यह किसी कोने में फंस जाए, तो अपना सिर ऊपर उठाकर, शरीर का एक तिहाई हिस्सा जमीन से ऊपर करके फुफकारना शुरू कर देता है, और फिर एक बार नहीं, बार बार वार करता है.
शिकार का तरीका तेज और सटीक
शिकार के दौरान यह सांप जमीन से करीब एक मीटर ऊपर तक सिर उठाकर वार कर सकता है. इसकी तेज नजर चूहे, चमगादड़, पक्षी और छिपकली जैसे शिकार को पल भर में भांप लेती है, और मुंह के आगे मौजूद दो नुकीले, खोखले दांतों से यह जहर इंजेक्ट कर देता है.
दो बूंद जहर काफी है जान लेने के लिए
ब्लैक मांबा का जहर बेहद जानलेवा होता है, सिर्फ दो बूंद ही किसी इंसान की जान लेने के लिए काफी है, जबकि एक सांप के दांतों में करीब 20 बूंद तक जहर मौजूद हो सकता है. एक बार के काटने में यह औसतन 100 से 120 मिलीग्राम जहर छोड़ता है, जबकि सिर्फ 10 से 15 मिलीग्राम ही इंसान को मारने के लिए काफी है.
एंटीवेनम न मिले तो मौत लगभग तय
काटने के बाद सूजन, जीभ और जबड़े पर कंट्रोल खोना, धुंधला दिखना, लकवा और मानसिक भ्रम जैसे लक्षण शुरू होते हैं, और 45 मिनट के भीतर इंसान बेहोश तक हो सकता है. अगर वक्त रहते मस कापर इलाज न मिले, तो 7 से 15 घंटों के भीतर मौत हो सकती है. एंटीवेनम आने से पहले इसका काटना लगभग हमेशा जानलेवा साबित होता था, और अफ्रीका के कई ग्रामीण इलाकों में आज भी यह फैसिलिटी आसानी से उपलब्ध नहीं है.
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