क्या पूरे ब्रह्मांड में पृथ्वी के अलावा भी कहीं जीवन मौजूद है? यह एक ऐसा सवाल है जो सदियों से वैज्ञानिकों और आम लोगों के दिमाग में घूम रहा है. किसी भी ग्रह पर जीवन की संभावना तलाशने के लिए वैज्ञानिक सबसे पहले वहां पानी की मौजूदगी का पता लगाते हैं, क्योंकि जल ही जीवन का मुख्य आधार है.

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हमारी पृथ्वी के बाहर सौरमंडल में पानी की खोज को लेकर अंतरिक्ष एजेंसियों ने पिछले कुछ दशकों में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. वैज्ञानिकों की नई खोजों से साफ हो चुका है कि पानी केवल पृथ्वी पर ही नहीं, बल्कि सौरमंडल के कई अन्य ग्रहों और उनके चंद्रमाओं पर भी अलग-अलग रूप में मौजूद है.

मंगल ग्रह पर पानी की खोज और जमी हुई बर्फ 

मंगल ग्रह हमेशा इंसानी खोज का सबसे बड़ा केंद्र रहा है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के कई रोवर्स और ऑर्बिटर्स ने मंगल ग्रह पर पर पानी होने के पुख्ता सबूत जुटाए हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक, अरबों साल पहले मंगल ग्रह पर पृथ्वी की तरह ही विशाल नदियां, झीलें और महासागर हुआ करते थे. आज की तारीख में मंगल की सतह पर सूखी हुई नदियों के रास्ते और डेल्टा साफ देखे जा सकते हैं. वर्तमान में मंगल ग्रह के ध्रुवों पर बड़े पैमाने पर पानी बर्फ के रूप में जमा हुआ है. इसके अलावा, वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह की सतह के नीचे भी विशाल बर्फीली परतें मिली हैं, जो भविष्य में इंसानी मिशनों के लिए बहुत काम आ सकती हैं.

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बृहस्पति और शनि के चंद्रमाओं पर छिपे हैं महासागर

पानी की तलाश में सबसे हैरान करने वाले नतीजे हमारे सौरमडंल के सबसे बड़े ग्रहों- बृहस्पति और शनि के चंद्रमाओं से मिले हैं. बृहस्पति के चंद्रमा यूरोपा की बर्फीली सतह के नीचे एक बहुत बड़ा और गहरा तरल पानी का महासागर छिपा हुआ है. वैज्ञानिकों का मानना है कि यूरोपा पर मौजूदा पानी की मात्रा पृथ्वी के सभी महासागरों के कुल पानी से भी दोगुना हो सकती है. इसी तरह, शनि के चंद्रमा एन्सेलाडुस पर भी बर्फ की मोटी परत के नीचे पानी का समंदर है. एन्सेलाडुस के दक्षिमी ध्रुव से पानी के विशाल फव्वारे अंतरिक्ष में फुटते देखे गए हैं, जिससे साबित होता है कि वहां अंदरूनी हिस्से में पानी तरल रूप में हलचल कर रहा है.

बुध और शुक्र ग्रह पर पानी का स्थिति

सूर्य के सबसे नजदीक होने के कारण बुध और शुक्र ग्रह बेहद गर्म हैं, इसलिए वहां तरल पानी की उम्मीद न के बराबर है. हालांकि, वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि बुध ग्रह के कुछ ऐसे गहरे गड्ढे हैं जहां कभी सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती. इन ठंडे इलाकों में पानी बर्फ के रूप में मौजूद है. दूसरी तरफ, शुक्र ग्रह का तापमान इतना अधिक है कि वहां पानी की हर बूंद भाप बन चुकी है, लेकिन वैज्ञानिकों को इसके वायुमंडल में जलवाष्प के बेहद हल्के अंश मिले हैं.

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सौरमंडल के बाहर और भविष्य के मिशन

इंसानी खोज अब सिर्फ सौरमंडल तक सीमित नहीं है. जेम्स वेब टेलिस्कोप की मदद से वैज्ञानिकों ने सौरमंडल के बाहर मौजूद कई अन्य तारों की परिक्रमा करने वाले ग्रहों के वायुमंडल में भी जलवाष्प और बादलों का पता लगाया है. NASA का यूरोपा क्लिपर और ISRO के आगामी मिशन अंतरिक्ष में पानी और जीवन के अनुकूल परिस्थितियों की गहराई से जांच करने के लिए लगातार आगे बढ़ रहे हैं. अब तक खोजों से यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि पानी पूरे ब्रह्मांड में बिखरा हुआ है.

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