President vs Prime Minister Salary: भारत के राष्ट्रपति देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद को संभालते हैं. इस वजह से उन्हें प्रधानमंत्री से ज्यादा वेतन मिलता है. जिस तरफ प्रधानमंत्री चुने हुए सरकार के प्रमुख होते हैं और कार्यपालिका को लीड करते हैं वहीं राष्ट्रपति देश के प्रथम नागरिक और गणतंत्र के संवैधानिक प्रमुख होते हैं. वेतन के अलावा दोनों ही पदों पर कई तरह की आधिकारिक सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था, आवास यात्रा की सुविधा और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले फायदे दिए जाते हैं.

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भारत के राष्ट्रपति को ज्यादा वेतन मिलता है 

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मासिक वेतन ₹5 लाख है. यह देश के शीर्ष संवैधानिक पदों में सबसे ज्यादा है. यह वेतन 2018 में संशोधित किया गया था. इससे पहले यह राशि ₹1.5 लाख प्रति माह थी. वेतन के अलावा राष्ट्रपति को अपने आधिकारिक वेतन और भत्तों पर इनकम टैक्स से छूट मिलती है. राष्ट्रपति "राष्ट्रपति भवन" में रहते हैं जो किसी राष्ट्राध्यक्ष के लिए दुनिया के सबसे बड़े आधिकारिक आवास में से एक है. आधिकारिक यात्राओं के लिए वह खासतौर से सुरक्षित वाहन और एयर इंडिया वन विमान का इस्तेमाल करते हैं.

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प्रधानमंत्री का वेतन और भत्ते 

प्रधानमंत्री की कुल मासिक इनकम लगभग ₹2.8 लाख है. इसमें अलग-अलग संसदीय और आधिकारिक भत्ते शामिल हैं. जहां मूल वेतन ₹50000 प्रति माह है वहीं संसद सदस्य के रूप में मिलने वाले अतिरिक्त भत्ते कुल मासिक इनकम को काफी ज्यादा बढ़ा देते हैं. 

प्रधानमंत्री को अपने निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े भत्ते, संसद सत्र के दौरान दैनिक भत्ते और आधिकारिक मेहमाननवाजी के लिए आतिथ्य सत्कार भत्ता भी मिलता है. राष्ट्रपति के उलट प्रधानमंत्री को सामान्य टैक्स कानून के तहत अपने वेतन और भत्तों पर इनकम टैक्स देना पड़ता है.

आधिकारिक आवास, सुरक्षा और सुविधा 

राष्ट्रपति "राष्ट्रपति भवन" में रहते हैं और प्रधानमंत्री नई दिल्ली में 7 लोक कल्याण मार्ग पर रहते हैं. आधिकारिक यात्रा के लिए राष्ट्रपति काफी ज्यादा सुरक्षित वाहन और अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए एयर इंडिया वन का इस्तेमाल करते हैं. प्रधानमंत्री की सुरक्षा स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप करती है और उन्हें देश-विदेश के कार्यक्रम के लिए आधिकारिक परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था भी दी जाती है.

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रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले फायदे 

पूर्व राष्ट्रपति को जीवनभर कई फायदे मिलते रहते हैं. इनमें ₹2.5 लाख की मासिक पेंशन, बिना किराए का सुसज्जित आवास, चिकित्सा सुविधा, यात्रा सुविधा और स्टाफ के खर्च के लिए सालाना भत्ता शामिल है. पूर्व प्रधानमंत्री को भी रिटायरमेंट के बाद कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं. जैसे सरकारी आवास, मेडिकल सुविधा, कुछ समय के लिए सपोर्ट स्टाफ और संसद सदस्यों पर लागू नियम के तहत पेंशन. 

दूसरे बड़े संवैधानिक पदों पर वेतन 

अगर दूसरे संवैधानिक पदों की बात करें तो उपराष्ट्रपति को हर महीने ₹4 लाख मिलते हैं, इसी के साथ राज्यों के राज्यपालों को ₹3.5 लाख प्रति माह मिलते हैं. साथ ही भारत के मुख्य न्यायाधीश का मासिक वेतन ₹2.8 लाख है.

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