पीरियड्स के दौरान दर्द होना आम बात है. ज्यादातर महिलाओं को इस समय हल्का दर्द या ऐंठन महसूस होती है. हालांकि, कुछ महिलाओं का दर्द इतना ज्यादा होता है कि उनके लिए उठना-बैठना या रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है. कई बार तो यह दर्द इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि कुछ मामलों में  पीरियड्स का दर्द हार्ट अटैक के दर्द जितना गंभीर हो सकता है. हाल ही में एनेस्थीसियोलॉजी और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन के विशेषज्ञ डॉ. कुनाल सूद ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक शेयर किया और इसके बारे में विस्तार से बताया है. 

Continues below advertisement

यह भी पढ़े: Japanese Encephalitis: डेंगू-मलेरिया से भी खतरनाक है यह बीमारी! मच्छर के काटते ही सूज जाता है दिमाग

डॉक्टर ने क्या बताया?

डॉ. कुनाल सूद ने कहा कि यह बात पूरी तरह गलत नहीं है. उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) में हुई एक रिसर्च में पाया गया कि कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पेट में होने वाली तेज ऐंठन का दर्द, दर्द की तीव्रता के मामले में हार्ट अटैक जितना महसूस हो सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पीरियड्स और हार्ट अटैक एक जैसी बीमारी हैं. तुलना सिर्फ दर्द की गंभीरता को लेकर की जा रही है.

Continues below advertisement

किन महिलाओं में ज्यादा हो सकता है दर्द?

डॉक्टर के मुताबिक, ऐसा दर्द खासकर सेकेंडरी डिसमेनोरिया (Secondary Dysmenorrhea) में देखने को मिल सकता है. इसका एक बड़ा कारण एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) नाम की बीमारी है, जिसमें महिलाओं को पीरियड्स के दौरान बहुत ही तेज और गंभीर दर्द होता है. 

क्या है एंडोमेट्रियोसिस?

एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी कोशिकाएं गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगती हैं. यह बीमारी अंडाशय (Ovaries), फैलोपियन ट्यूब (Fallopian Tubes) और पेल्विक हिस्से को प्रभावित कर सकती है. कुछ मामलों में यह आंत और मूत्राशय तक भी पहुंच सकती है.इस बीमारी की वजह से महिलाओं को पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा दर्द, ज्यादा ब्लीडिंग, पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द और गर्भधारण करने में परेशानी हो सकती है.

डॉक्टर ने क्या सलाह दी?

डॉ. कुनाल सूद का कहना है कि महिलाओं के पीरियड्स के दर्द को हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर दर्द बहुत ज्यादा हो और हर महीने रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए. उन्होंने इस विषय पर और रिसर्च करने के साथ-साथ बेहतर इलाज की जरूरत पर भी जोर दिया.

यह भी पढ़े: Waist Size And Health: वजन नहीं, कमर का साइज खोलेगा सेहत का राज! मोटापा मापने में BMI से ज्यादा असरदार फॉर्मूला