Common Krait snake: सांप का नाम सुनते ही अच्छे खासे इंसान की हवा टाइट हो जाती है. सामने किंग कोबरा या कोई दूसरा सांप हो तो खड़े-खड़े ही मौत तक आ जाती है. कुछ सांप तो इतने जहरीले होते हैं, जिनके काटने के बाद इंसान को सोचने तक का टाइम नहीं मिलता. इन्हीं में से है कॉमन करैत सांप. 

Continues below advertisement

इस सांप की खास बात यह है कि इसके काटने पर मच्छर या चींटी काटने जितना दर्द होता है. ऐसे में इंसान को पता ही नहीं चलता कि जिस बाइट को वह सामान्य समझ रहा है, वह उसकी जान भी ले सकता है. कॉमन करैत एक ऐसा सांप है जिसके काटने पर तेज दर्द या सूजन जैसे लक्षण नहीं होते, बल्कि दर्द भी बहुत मामूली सा महसूस होता है. 

कितना खतरनाक कॉमन करैत सांप?

कॉमन करैत जिसका वैज्ञानिक नाम Bungarus caeruleus है. यह सांप भारत का सबसे जहरीले और खतरनाक सापों में से एक है. इस सांप को साइलेंट किलर का नाम दिया गया है, क्योंकि इसके काटने पर तेज दर्द महसूस नहीं होता. इसका जहर सीधे नर्वस सिस्टम पर हमला करता है. अगर इसका इलाज नहीं मिलता है तो व्यक्ति सोते-सोते ही मर जाता है. सोते-सोते मौत इसलिए हो जाती है क्योंकि अगर व्यक्ति रात में सो रहा हो तो उसे पता भी नहीं चलता कि सांप ने काट लिया है धीरे-धीरे ज़हर शरीर में फैलता है और आंखें और पलकें भारी हो जाती हैं.

Continues below advertisement

यह भी पढ़े: ITR Penalty Rules: ITR फाइलिंग में दी गलत जानकारी, कितनी हो सकती है सजा?

काटने के बाद क्या दिक्कत होती है

  • शुरुआत में काटने की जगह बहुत कम दर्द या सूजन हो सकती है. कई बार व्यक्ति को पता भी नहीं चलता कि सांप ने काटा है.
  • कुछ घंटों बाद पलकें झुकने लगती हैं
  • धुंधला या दो-दो दिखाई देना.
  • बोलने और निगलने में दिक्कत होना.
  • मुंह में लार जमा होना या निगलने में परेशानी.
  • हाथ-पैरों में कमजोरी महसूस होना.
  • सांस लेने में तकलीफ शुरू होना.
  • इलाज न मिलने पर सांस लेने वाली मांसपेशियां काम करना बंद कर सकती हैं, जिससे जान का खतरा हो जाता है.

सांप काटने पर क्या करें?

  • मरीज को शांत रखें और कम से कम चलने दें.
  • काटे हुए हाथ या पैर को स्थिर रखें.
  • तुरंत नज़दीकी अस्पताल पहुंचें.
  • अगर सुरक्षित हो और बिना जोखिम के संभव हो, तो सांप की फोटो ले लें. सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें.

क्या बिल्कुल नहीं करना चाहिए?

  • घाव को काटना या चूसना नहीं.
  • कसकर रस्सी या कपड़ा न बांधें. इससे काटे गए हिस्से में खून का बहाव रुक जाता है.
  • बर्फ, मिट्टी, जड़ी-बूटी या झाड़-फूंक का सहारा न लें.
  • इलाज में देरी बिल्कुल न करें.

क्या है इसका इलाज

कॉमन करैत के काटने पर इसका इलाज केवल एंटी-स्नेक वेनम (ASV) है. इसका इलाज अस्पताल में ही किया जा सकता है. एंटी-स्नेक वेनम (ASV) के लगने पर यह सांप के जहर को खत्म कर देता है, जिसकी मदद से व्यक्ति खतरे से बाहर आ सकता है.इसके साथ ही अगर व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है तो उस समय ऑक्सीजन दी जाती है और ज़रूरत पड़ने पर वेंटिलेटर का सहारा लिया जाता है. डॉक्टर मरीज की सांस, दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर पर लगातार नज़र रखते हैं. इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर दवाई दी जाती है.

यह भी पढ़े: आवारा पशु से हादसे पर कौन देगा मुआवजा, सरकार या इंश्योरेंस कंपनी?