Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच एक बड़े कूटनीतिक घटनाक्रम ने इस क्षेत्र को अस्थायी राहत दी है. डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में घोषणा की है कि ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य हमले को कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं की सीधी अपील के बाद रद्द कर दिया गया. ट्रंप के मुताबिक अब संबंधित पक्षों के बीच गंभीर बातचीत चल रही है और खाड़ी देशों के नेताओं ने अनुरोध किया कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को फिलहाल के लिए टाल दिया जाए. इसी बीच आइए जानते हैं कि किन नेताओं के एक कॉल से थम सकता है विश्व युद्ध.
डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका की वैश्विक सैन्य शक्ति
संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप दुनिया की सबसे एडवांस्ड सैन्य ताकत में से एक की कमान संभालते हैं. संयुक्त राज्य अमेरिका के पास बेजोड़ वैश्विक सैन्य पहुंच, एडवांस्ड हथियार प्रणाली और शक्तिशाली नौसैनिक और हवाई क्षमता है. सैन्य ताकत के अलावा वाशिंगटन प्रतिबंध, अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग प्रणाली और अमेरिकी डॉलर के वैश्विक प्रभुत्व के जरिए से भारी वित्तीय प्रभाव भी रखता है. इसी वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा लिए गए फैसले मिडल ईस्ट से लेकर पूर्वी यूरोप और एशिया तक के क्षेत्र में चल रहे संघर्षों को तेजी से प्रभावित कर सकते हैं.
पुतिन का प्रभाव
व्लादिमीर पुतिन वैश्विक भूराजनीति में सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक बने हुए हैं. रूस के पास दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु हथियारों का जखीरा है और यह प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठन में एक केंद्रीय भूमिका निभाता है. तेल, गैस और ऊर्जा एक्सपोर्ट में रूस की भूमिका मॉस्को को वैश्विक बाजारों पर एक बड़ी बढ़त भी देती है. यूरोप से लेकर मिडल ईस्ट और एशिया तक पुतिन से जुड़ी कूटनीतिक बातचीत अक्सर संघर्षों पर बातचीत और रणनीतिक निर्णय लेने में एक बड़ी भूमिका निभाती है.
शी जिनपिंग की शक्ति
शी जिनपिंग दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्तर पर सबसे शक्तिशाली विनिर्माण प्रणालियों में से एक को लीड करते हैं. चीन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं, प्रौद्योगिकी उत्पादन, व्यापार और बुनियादी ढांचे के निवेश में एक बड़ी भूमिका निभाता है. बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव जैसी परियोजनाओं के जरिए चीन ने एशिया, अफ्रीका, यूरोप और लैटिन अमेरिका तक अपना प्रभाव बढ़ाया है. ताइवान और दक्षिण चीन सागर जैसे मुद्दों पर चीन का रुख अक्सर वैश्विक कूटनीतिक और सैन्य समीकरणों को प्रभावित करता है.
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नरेंद्र मोदी एक ग्लोबल मिडिएटर
नरेंद्र मोदी ने भारत को ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व करने वाली एक महत्वपूर्ण आवाज के रूप में तेजी से स्थापित किया है. भारत अमेरिका और रूस दोनों के साथ रणनीतिक संबंध बनाए रखना है, जिससे वह एक ही समय में एक दूसरे के विरोधी वैश्विक शक्तियों के साथ भी कूटनीतिक बातचीत जारी रख पाता है. दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश और सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने के नाते बीते कुछ सालों में अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक और वैश्विक आर्थिक चर्चाओं में भारत की भूमिका काफी बढ़ गई है.
मोहम्मद बिन सलमान का प्रभाव
सऊदी अरब के ऊर्जा क्षेत्र में दबदबे की वजह से मोहम्मद बिन सलमान को मिडिल ईस्ट के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माना जाता है. ओपीईसी के अंदर एक अग्रणी शक्ति होने के नाते सऊदी अरब वैश्विक तेल की कीमतों और ऊर्जा बाजारों को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है. इस्लामी दुनिया में इस साम्राज्य का धार्मिक महत्व भी काफी ज्यादा है. ऐसा इसलिए क्योंकि मक्का और मदीना यहीं है.
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