IPL 2026: जैसे-जैसे आईपीएल 2026 की रिटेंशन की समय सीमा पास आ रही है क्रिकेट जगत में अटकलों का बाजार गर्म है. सभी फ्रेंचाइजी अपने रिटन और रिलीज किए गए खिलाड़ियों की सूची को अंतिम रूप देने में लगी हुई हैं. ऐसे में एक सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या हो अगर विराट कोहली और रोहित शर्मा किसी दूसरी फ्रेंचाइजी से खेलें. ऐसा करने पर उनकी कितनी कमाई हो सकती है. आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी.

नीलामी के जरिए ज्यादा कमाई 

अगर विराट कोहली और रोहित शर्मा आईपीएल 2026 की नीलामी में शामिल होते हैं तो उन्हें रिकॉर्ड तोड़ बोलियां मिल सकती हैं. सभी टीमें इन दमदार खिलाड़ियों को हासिल करने के लिए भारी रकम खर्च करने को तैयार होंगी. आपको बता दें कि आईपीएल 2025 में कोहली को आरसीबी ने 21 करोड़ रुपए में रिटेन किया था जबकि रोहित के साथ जसप्रीत बुमराह को मुंबई इंडियंस ने 18 करोड़ रुपए में रिटेन किया था. वैसे तो यह अपने आप में एक बड़ी संख्या है लेकिन खुली नीलामी में कोहली और रोहित और बड़ी बोली मिल सकती है. 

ब्रांड वैल्यू और एंडोर्समेंट की ताकत 

विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों ही सिर्फ क्रिकेटर नहीं हैं बल्कि एक वैश्विक ब्रांड हैं. टीम बदला लेने से उन्हें न सिर्फ एक नया मंच मिलेगा बल्कि नए स्पॉन्सरशिप और एंडोर्समेंट के अवसर भी मिलेंगे. उदाहरण के तौर पर अगर कोहली किसी नई फ्रेंचाइजी से जुड़ते हैं तो उनके विशाल प्रशंसक आधार की वजह से टीम का ब्रांड वैल्यूएशन तुरंत बढ़ सकता है. 

ठीक इसी तरह पांच बार आईपीएल जीतने वाले कप्तान के रूप में रोहित शर्मा की छवि उन्हें लीग के सबसे ज्यादा बिकने वाले खिलाड़ियों में से एक बनाती है. उन्हें एक नई टीम का खिलाड़ी और कप्तान दोनों के रूप में अनुबंध करके उनके ब्रांड वैल्यू का लाभ उठाकर नए प्रायोजकों, व्यापारिक वस्तुओं की बिक्री और प्रशंसकों की भागीदारी को बड़े पैमाने पर आकर्षित किया जा सकता है. इससे उनके अनुबंध के अलावा भी उनके लिए अतिरिक्त आय के स्रोत बन सकते हैं. 

अगर एक अनुमानित आंकड़े की बात करें तो अगर कोहली या रोहित आईपीएल 2026 में किसी दूसरी टीम के लिए खेलते हैं तो उन्हें नीलामी के जरिए ₹25 से ₹30 करोड़ (अपेक्षित) की आय होगी. इसी के साथ टीम बोनस और प्रदर्शन प्रोत्साहन के तौर पर 2 से 3 करोड़ रुपए प्रति सीजन मिल जाते हैं. वहीं प्रयोजन और ब्रांड साझेदारियों के तौर पर 5 से 10 करोड़ रुपए सालाना की इनकम हो जाती है. इसी के साथ डिजिटल विज्ञापन और व्यापारिक स्वदेश 2 से 5 करोड़ रुपए में होते हैं. कुल मिलाकर उनकी वार्षिक आय आसानी से 40 करोड़ को पार कर सकती है. 

भावनात्मक लागत और जोखिम

वैसे तो संभावित वित्तीय लाभ बहुत बड़ा है लेकिन भावनात्मक लागत भी उतनी ही जरूरी हो सकती है. दोनों खिलाड़ी अपनी अपनी टीमों की पहचान हैं. विराट कोहली आरसीबी के जुनून और वफादारी से और रोहित मुंबई इंडियंस की नेतृत्वकारी विरासत से जुड़े हुए हैं. इन फ्रेंचाइजी को छोड़ने से उनके प्रशंसकों का एक वर्ग अलग-थलग पड़ सकता है.

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