Difference Between Dam and Barrage:  अक्सर सभी ने बांध और बैराज का नाम सुना होगा. आमतौर पर लोग इन दोनों के नाम में कन्फ्यूज हो जाते हैं.  उन्हें लगता है कि ये दोनों एक ही चीज हैं, बस शब्द अलग-अलग हैं. हर व्यक्ति के कन्फ्यूज होने के पीछे कारण यह है कि ये दोनों संरचनाएं नदियों पर बनाई जाती हैं. आपको बता दें कि इन दोनों संरचनाओं में कार्य करने के तरीके के अलावा भी कई तरह के अंतर होते हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी. 

Continues below advertisement

बांध क्या होता है और इसका उपयोग कहां किया जाता है?

अगर बांध की बात करें तो बांध तब बनाया जाता है, जब पानी को स्टोर करना होता है या फिर उसका जलस्तर बढ़ाने की कोशिश की जाती है.  इनका निर्माण उन नदियों पर किया जाता है, जिनमें पानी का प्रवाह तेज होता है.  यानी बांध एक तरह की मजबूत दीवार होती है, जो नदी के बहाव को पूरी तरह रोककर उसके पीछे एक बड़ी झील जैसा जल भंडार तैयार कर देती है. सरल शब्दों में कहें तो बांध का मुख्य उद्देश्य पानी को स्टोर करना होता है.  बांध का उपयोग सिंचाई, पानी से बिजली बनाने, बाढ़ के दौरान नियंत्रण करने और सूखे के समय पानी की कमी को पूरा करने के लिए किया जाता है. 

यह भी पढ़ेंः Slovakia Economy: किस चीज से सबसे ज्यादा कमाई करता है स्लोवाकिया, कैसे बना इतना अमीर?

Continues below advertisement

बैराज क्या होता है और यह कैसे काम करता है?

बैराज की बात करें तो इसका काम थोड़ा अलग होता है. बैराज में बड़े-बड़े कई गेट लगे होते हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर खोला और बंद किया जाता है.  इन गेटों की मदद से पानी को दूसरी दिशा में मोड़ा जाता है, जबकि बांध केवल पानी को स्टोर करके रखता है.  सीधे शब्दों में कहें तो बैराज पानी को रोककर रखने के लिए नहीं, बल्कि उसकी दिशा बदलने और उसके बहाव को नियंत्रित करने के लिए बनाया जाता है.  साथ ही इसे कई लोग नदी का ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम भी कहते हैं. 

डैम और बैराज नाम की कहानी

अब बात करें दोनों नामों की दिलचस्प कहानी की, तो यह सफर सदियों पुराना और कई देशों से होकर गुजरता है.  "डैम" शब्द कोई आधुनिक शब्द नहीं है. यह पुराने नॉर्स भाषा के "dammr" या डच भाषा के "dam" शब्द से निकला है और इसकी जड़ें प्राचीन जर्मेनिक भाषा तक जाती हैं, जिसका मतलब हमेशा से ही पानी के बहाव को रोकने वाली दीवार रहा है. यानी जहां पानी को "बांधा" यानी रोका जाए, वही जगह बांध कहलाई.  दूसरी तरफ "बैराज" शब्द का जन्म फ्रांस में हुआ है. यह फ्रेंच शब्द "barrer" से आया है, जिसका मतलब होता है "रोकना" या "बाधा डालना". मजेदार बात यह है कि यह शब्द अंग्रेजी और भारतीय भाषाओं तक भी पहुंच गया. 

यह भी पढ़ेंः लेबनान के पीछे क्यों पड़ा है इजरायल, जानें किस बात की है दुश्मनी?