Slovakia Economy: मध्य यूरोप का एक छोटा सा देश स्लोवाकिया पिछले तीन दशकों में महाद्वीप की सबसे सफल आर्थिक कहानियों में से एक बनकर उभरा है. कभी पूर्व चेकोस्लोवाकिया का कम विकसित हिस्सा माने जाने वाले स्लोवाकिया ने खुद को एक मजबूत औद्योगिक आधार और बेहतर जीवन स्तर वाली उच्च इनकम वाली अर्थव्यवस्था में बदल लिया है. आज यह देश अपने ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए दुनिया भर में पहचाना जाता है. यह सेक्टर ही इस देश की अर्थव्यवस्था की रीढ है और इसी वजह से स्लोवाकिया को यूरोप का डेट्रॉइट कहा जाता है.
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री
ऑटोमोबाइल सेक्टर स्लोवाकिया की इनकम और निर्यात से होने वाली कमाई का सबसे बड़ा स्रोत है. गाड़ियां और ऑटोमोबाइल के पार्ट्स देश के कुल निर्यात में 27 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान करते हैं. इस वजह से यह दुनिया की सबसे ज्यादा ऑटोमोबाइल पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है.
कई बड़ी ग्लोबल आटोमोटिव कंपनियां स्लोवाकिया में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट चलाती हैं. इनमें फॉक्सवैगन, किआ, स्टेलंटिस और जगुआर लैंड रोवर शामिल हैं. इन निवेशों की वजह से प्रति व्यक्ति कार उत्पादन के मामले में स्लोवाकिया दुनिया में पहले स्थान पर है.
इलेक्ट्रॉनिक और मशीनरी का निर्यात
ऑटोमोबाइल के अलावा स्लोवाकिया ने औद्योगिक मशीनरी, इलेक्ट्रिकल उपकरण, भट्टियों और न्यूक्लियर रिएक्टर के पार्ट्स पर केंद्रित एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित किया है. ये उत्पादन देश के निर्यात का लगभग 32% हिस्सा हैं और आर्थिक विकास में बड़ी भूमिका निभाते हैं.
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सर्विस सेक्टर और पर्यटन का योगदान
सर्विस सेक्टर स्लोवाकिया के सकल घरेलू उत्पाद में 60% से ज्यादा का योगदान देता है. इसी के साथ यह आबादी के एक बड़े हिस्से को रोजगार प्रदान करता है. पर्यटन भी एक बड़ा योगदानकर्ता है. स्लोवाकिया के मध्ययुगीन किले, खूबसूरत शहर और हाई टैट्रास पर्वत श्रृंखला पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. पश्चिमी यूरोप की तुलना में यात्रा की कम लागत ने पर्यटन से होने वाली इनकम को और बढ़ाया है.
इसी के साथ स्लोवाकिया की भारी उद्योगों जैसे की लोहा और स्टील उत्पादन, रबर निर्माण, सिंथेटिक फाइबर और केमिकल उत्पादन में भी मजबूत उपस्थिति है. ये उद्योग निर्यात को बढ़ावा देते हैं और देश के अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार देते हैं.
स्लोवाकिया अमीर कैसे बना?
एक बड़ा बदलाव तब आया जब स्लोवाकिया 2004 में यूरोपीय संघ में शामिल हुआ. सदस्यता मिलने से दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक तक पहुंच मिली और विदेशी निवेश में भी काफी बढ़ोतरी देखने को मिली. 2009 में यूरो अपनाकर देश ने अपनी स्थिति और मजबूत की. इससे व्यापार और निवेश आसान हो गए.
कुशल और किफायती वर्कफोर्स
जर्मनी और फ्रांस जैसे पश्चिमी यूरोपीय देशों की तुलना में स्लोवाकिया में मजदूरी की लागत कम थी. जबकि वहां का वर्कफोर्स काफी कुशल था. इस वजह से ऐसी मल्टीनेशनल कंपनियां यहां आकर्षित हुईं जो कुशल मैन्युफैक्चरिंग लोकेशंस की तलाश में थीं.
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