CJP Protest: भारत में कॉकरोच जनता पार्टी का चल रहा प्रदर्शन आखिरकार खत्म हो गया है. धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. आखिरकार GenZ की आवाज सुन ली गई है. दुनिया भर में युवाओं के नेतृत्व वाले आंदोलन को लेकर बढ़ती चर्चाओं के बीच, राजनीतिक परिवर्तन को आकार देने में GenZ की भूमिका जरूरी हो गई है.  बीते कुछ सालों में दो पड़ोसी देश बांग्लादेश और नेपाल में मुख्य रूप से युवा लोगों के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले. इसके परिणामस्वरूप एक बड़ा राजनीतिक विकास हुआ.

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पहली सफल GenZ क्रांति 

बांग्लादेश में 2024 के आंदोलन को व्यापक रूप से दुनिया की पहली सफल GenZ क्रांति माना जाता है. 5 अगस्त 2024 को तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना, जो लगभग 15 सालों तक सत्ता में रहीं, ने युवाओं के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद इस्तीफा दे दिया और देश छोड़ दिया. यह आंदोलन स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों के लिए सरकारी नौकरियों में 30% आरक्षण कोटा के विरोध पर शुरू हुआ था. कई छात्रों ने यह तर्क दिया कि यह नीति मेधावी उम्मीदवारों के लिए सही नहीं थी और इसे हटाने की मांग की.

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सरकार कैसे गिरी? 

यह आंदोलन बड़े पैमाने पर फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित किया गया था. इससे कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्रों को केंद्रीकृत नेतृत्व संरचना के बिना विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति मिली. युवा प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने के लिए मीम्स, रैप, ग्राफिटी और डिजिटल अभियान का भी इस्तेमाल किया. 

जैसे ही तनाव बढ़ा और अधिकारियों ने पुलिस कार्यवाही और सत्तारूढ़ पार्टी की छात्र शाखा के जरिए प्रदर्शन को दबाने की कोशिश की हजारों प्रदर्शनकारियों ने कर्फ्यू प्रतिबंधों का उल्लंघन किया और प्रधानमंत्री के निवास, गणभवन की तरफ मार्च किया. कथित तौर पर सेना द्वारा नागरिकों पर गोली चलाने से इनकार के बाद शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया और देश छोड़ दिया. 

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48 घंटों में सरकार का तख्तापलट 

बांग्लादेश के घटनाक्रम से प्रेरित होकर नेपाल ने सितंबर 2025 में GenZ के नेतृत्व वाला एक और बड़ा आंदोलन देखा. रिपोर्ट्स के मुताबिक तत्कालीन प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की सरकार विरोध प्रदर्शन के 48 घंटे के अंदर गिर गई. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ब्लॉक हो जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन के कोऑर्डिनेशन और अपनी रणनीति को व्यवस्थित करने के लिए प्लेटफार्म का इस्तेमाल करते हुए अपने संचार को डिस्कोर्ड में बादल दिया. आखिरकार प्रधानमंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे ही दिया.

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