साल 1996 में आई गुलजार की फिल्म 'माचिस' को दर्शकों ने खूब पसंद किया था. खासतौर फिल्म में तबू की अदाकारी ने लोगों का दिल जीत लिया था. वहीं इस फिल्म में दमदार एक्टिंग के लिए तबू को साल 1997 में 'बेस्ट एक्ट्रेस' का पहला नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी मिला था.

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'माचिस' की सफलता ने उनकी एक्टिंग की काबिलियत को सबके सामने रखा और उन्हें एक जबरदस्त कलाकार के तौर पर पहचान दिलाई थी. दिलचस्प बात ये है क उस साल अवॉर्ड की दौड़ में सोनाली कुलकर्णी भी शामिल थीं. हालांकि तबू ने बाजी मार ली थी. अब सोनाली ने खुलासा किया है कि उन्हें उस समय बहुत गुस्सा आया और तबू से काफी जलन भी हुई थी.

नेशनल अवॉर्ड न मिलने से निराशा होती थी’बता दे कि सोनाली कुलकर्णी की फिल्म 'दायरा' साल 1996 में आई थी. अमोल पालेकर की इस फिल्म में सोनाली की एक्टिंग की काफी तारीफ हुई थी. वहीं उस दौर को याद करते हुए, सोनाली ने 'स्क्रीन' से बात करते हुए कहा कि उस समय अवॉर्ड जीतने वाले हर किसी से उन्हें जलन होती थी. उन्होंने बताया कि उनकी कई फिल्में लगातार नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के फाइनल राउंड तक पहुंचती थीं, लेकिन हर साल यह सम्मान न मिल पाने से उन्हें बहुत निराशा होती थी.

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 हालांकि उन्हें दूसरे अवॉर्ड्स से पहचान मिल रही थी, लेकिन उन्होंने माना कि नेशनल अवॉर्ड ही वह सम्मान था जिसे पाने की उनकी सबसे ज़्यादा इच्छा थी, इसलिए हर बार हार को स्वीकार करना और भी मुश्किल हो जाता था.

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 तबू से हुई थी सोनाली को जलनउस पल को याद करते हुए सोनाली ने माना कि उन्होंने खुद को यह सोचकर समझाने की कोशिश की, "वह तो इंडस्ट्री की ही हैं न! यह बहुत मशहूर लाइन थी." यह बात उनके मन में तब आई जब 1997 में तबू को बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला, जबकि वह इस सम्मान से चूक गईं. उन्होंने आगे कहा, "मुझे तबू से इतनी जलन और गुस्सा था कि आखिरकार मैंने 'माचिस' फिल्म देखी. जब मैंने उनकी फिल्में देखीं, तो मुझे अपनी इनसिक्योरिटी और बेचैनी से निपटने में मदद मिली. उनकी एक्टिंग ने न सिर्फ मुझे खुशी दी, बल्कि उसमें इतनी काबिलियत थी कि मुझे अपनी जिदगी और अपनी क्षमताओं को समझने में भी मदद मिली. जब मैंने तबू की कई फिल्में देखीं, जिनमें 'माचिस', 'अस्तित्व' (2000) और 'चांदनी बार' (2001) शामिल हैं, तो हर बार मुझे उनसे और भी ज़्यादा लगाव हो गया."

अब तबू संग काम करना चाहती हैं सोनालीहालांकि सोनाली को आखिरकार 2002 में क्रांति कनाडे की मराठी शॉर्ट फिल्म 'चैत्र' के लिए स्पेशल जूरी अवॉर्ड के तौर पर नेशनल अवॉर्ड मिला, लेकिन तब से उनकी उम्मीदें बदल गई हैं. अब कोई और अवॉर्ड पाने की कोशिश करने के बजाय, एक्ट्रेस तबू के साथ स्क्रीन शेयर करना चाहती हैं, उन्होंने बताया कि इस मशहूर स्टार के साथ काम करना उनकी विश लिस्ट में सबसे ऊपर है.

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