Lok Sabha Election 2024 MP VIP Seats: देश में इस वक्त सिर्फ पारा ही नहीं सियासी गर्मी भी बढ़ी हुई है. पहले चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को हो चुकी है और दूसरे चरण के लिए प्रचार का शोर भी थम चुका है. मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव की वोटिंग 4 फेज में हो रही है.
लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे फेज में मध्य प्रदेश की 7 सीटों पर वोटिंग होनी है, जिसमें टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, सतना, रीवा, होशंगाबाद और बैतूल शामिल हैं. मध्य प्रदेश की इन लोकसभा सीटों में से कुछ पर कांटे की टक्कर होने की उम्मीद जताई जा रही है.
टीकमगढ़ सीट
टीकमगढ़ सीट पर 2008 से ही बीजेपी का कब्जा है. यहां से बीजेपी की ओर से वीरेंद्र कुमार खटीक सांसद है. खटीक लगातार तीन बार से जीत रह हैं और चौथी बार टीकमगढ़ लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरे हैं, लेकिन इस बार कांग्रेस ने पंकज अहिरवार को चुनावी मैदान में उतारकर कुछ नया करने की कोशिश की है. खटीक ने पिछले लोकसभा चुनाव में अपने निकटतम कांग्रेस उम्मीदवार किरण अहिरवार को 3.48 लाख वोट से हराया था. रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस बार जनता में उनके बीच नाराजगी दिखाई दे रही है. यही वजह है कि टीकमगढ़ सीट पर इस बार सियासी जंग दिलचस्प हो गई है.
खजुराहो सीट
खजुराहो सीट पर भी इस बार कांटे की टक्कर हो सकती है. यहां एमपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा चुनावी मैदान में हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में शर्मा ने कांग्रेस की कविता सिंह को 4.92 लाख वोटों से हराया था, लेकिन इस बार बीजेपी के शर्मा की टक्कर इंडिया अलायंस से कैंडिडेट राजा भैया प्रजापति से हैं. विपक्षी गठबंधन के समर्थन और वन एंड वन होने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है. इस सीट से उमा भारती 1989 से 1999 के बीच सांसद रह चुकी हैं.
दमोह सीट
दमोह में बीजेपी ने पूर्व विधायक राहुल लोधी पर भरोसा दिखाया है, वहीं कांग्रेस ने भी पूर्व विधायक तरवर लोधी को चुनावी मैदान में उतारा है. यहां लोधी समुदाय की पकड़ अच्छी है और कहा जाता है इस पर वो जिस ओर जाते हैं जीत उसी ओर जाती है. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसपर भरोसा जताती है.
बैतूल लोकसभा
बैतूल लोकसभा सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है. यहां पार्टी का 1996 से ही कब्जा है. बीजेपी ने अपने कैंडिडेट दुर्गा दास पर भरोसा दिखाया है और टिकट दोबारा दिया है. वहीं, कांग्रेस ने भी पिछले चुनाव के उम्मीदवार रामू टेकाम को टिकट दिया है. ये लोकसभा सीट एसटी केटेगरी में रिजर्व है. लेकिन इस बार बीजेपी को अपना किला बचाने का दबाव है.
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