चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के तहत नैहाटी पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है.

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थाना प्रभारी पर आरोप है कि वे नामांकन प्रक्रिया के दौरान नैहाटी नगरपालिका के चेयरमैन को एसडीओ ऑफिस ले गए थे. चुनाव आयोग के एक अंदरूनी सूत्र ने सोमवार को यह जानकारी दी.

चुनाव आयोग का यह कदम तब उठाया जब भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने इस घटना को उजागर किया और सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए पोल पैनल से कार्रवाई करने की अपील की.

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सोशल मीडिया पोस्ट में भाजपा नेता ने चुनाव आयोग को टैग करते हुए लिखा कि चुनाव आयोग यह पक्का करने की बहुत कोशिश कर रहा है कि पश्चिम बंगाल पुलिस बहुत निष्पक्ष तरीके से काम करे, लेकिन आदत तो आदत होती है. नैहाटी नगरपालिका के चेयरमैन और नैहाटी में टीएमसी नेता अशोक चटर्जी, बैरकपुर में एसडीओ ऑफिस में पुलिस गाड़ी से उतरे.

उन्होंने आगे लिखा कि मंत्री चटर्जी नैहाटी से टीएमसी उम्मीदवार के नामांकन में शामिल होने के लिए वहां थे. मैं टीएमसी नेताओं की ओर से पुलिस गाड़ी के गलत इस्तेमाल के बारे में चुनाव आयोग और सीईओ पश्चिम बंगाल के ऑफिस का ध्यान खींचना चाहता हूं और जरूरी कार्रवाई की मांग करता हूं.

बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में चुनाव आयोग की ओर से पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड करने का यह पहला मामला नहीं है. पिछले हफ्ते भी भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा उम्मीदवार सुभेंदु अधिकारी के नामांकन दाखिल करने से पहले एक रोड शो के दौरान अशांति होने के बाद कानून-व्यवस्था में गड़बड़ी को लेकर कोलकाता पुलिस के चार कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था.