UPSC IAS Success Story: जीवन में कठिनाइयों और मुश्किल परिस्थितियों से पार पाने के बाद हर इंसान एक अतुलनीय उदाहरण छोड़ जाता है. एक ऐसा उदाहरण जिससे आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है और कुछ कर दिखाने का जुनून भी जुट जाता है. कुछ ऐसा ही कमाल झारखंड (Jharkhand) की रहने वाली रैना जमील (Raina Jamil) ने भी कर दिखाया. जिन्होंने विपरीत हालातों से लड़ कर ना केवल यूपीएससी की परीक्षा (UPSC Exam) निकाली, बल्कि आने वाले छात्रों के लिए एक अमर उदाहरण लिख दिया.
माता पिता का संघर्षरैना के पिता पेशे से मैकेनिक का काम करते थे. वहीं उनकी मां केवल 8 वीं तक पढ़ी और घर गृहस्थी को संभाला. उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण रैना (Raina) को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. हालांकि उनके पिता ने कभी भी उनकी पढ़ाई से कोई समझौता नहीं किया. रैना के चार भाई बहन है, जिनमें से एक आईआरएस अधिकारी है, दूसरा प्रसार भर्ती में इंजीनियर है, तो वहीं छोटी बहन अभी बीएड कर रही है.
बड़े भाई ने दी यूपीएससी करने की सलाहधनबाद (Dhanbad) से ताल्लुक रखने वाली रैना ने उर्दू मीडियम (Urdu Medium) से अपनी 8वीं तक की पढ़ाई पूरी की. जिसके बाद उन्होंने अपनी स्कूलिंग सरकारी स्कूल से की और अपनी स्नातक शिक्षा भी पाई. वह पढ़ाई में एक एवरेज स्टूडेंट रही लेकिन मास्टर्स में खूब मेहनत कर कॉलेज टॉप किया. जब भाई ने यूपीएससी की सलाह दी तो सिविल परीक्षा का पेपर भी 3 बार दिया. जिसके बाद साल 2018 में उन्होंने अपना लक्ष्य हासिल कर ही लिया.
ये दी सलाहयूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों से रैना कहती हैं कि तैयारी करने के लिए रणनीति बनाना बेहद आवश्यक है. उन्होंने कहा कि आप उन उम्मीदवारों से सीखते हैं, जिन्होंने पूर्व में परीक्षा दी हो. उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी करने के लिए निरंतर अभ्यास जरूरी है. उम्मीदवारों को उन्होंने सलाह दी कि वह बेहतर तैयारी के लिए एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई करें.
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