Reliance Industries Share: रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के शेयर में अमूमन उचार चढ़ाव बेहद सीमित दायरे में देखा जाता है. बाजार में गिरावट आने के बाद भी रिलायंस इंडस्ट्रीज में जल्दी बड़ी गिरावट नहीं आती है. लेकिन शुक्रवार को केंद्र सरकार के एक फैसले के चलते रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर औंधे मुंह जा गिरा. सरकार ने देश की ऑयल रिफानिंग और मार्केटिंग कंपनियों पर निर्यात से हो रहे बड़े फायदे के मद्देनजर विंडफॉल टैक्स ( Windfall Tax) लगाने का ऐलान कर दिया. सरकार ने पेट्रोल डीजल और एटीएफ के निर्यात पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान कर दिया तो घरेलू क्रूड प्रोडक्शन पर 23,450 रुपये प्रति बैरल का सेस लगा दिया. 

9 फीसदी गिरा रिलायंस का शेयरसरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा असर रिलायंस इंडस्ट्रीज पर पड़ा क्योंकि वो कंपनी पेट्रोल डीजल और हवाई ईंधन की बड़ी एक्सपोर्टरों में से एक है. वहीं क्रूड ऑयल की प्रोडक्शन भी करती है. सरकार के इस फैसले के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 9 फीसदी नीचे जा लुढ़का. गुरुवार को शेयर 2595 रुपये पर क्लोज हुआ था. लेकिन शुक्रवार को शेयर 225 रुपये घटकर 2370 रुपये के लेवल तक नीचे जा गिरा. रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैपिटलाईजेशन में भी जबरदस्त गिरावट आ गई. रिलायंस का शेयर 7.20 फीसदी की गिरावट के साथ 2408.70 रुपये पर बंद हुआ. सरकार के इस फैसले के चलते चेन्नई पेट्रोलियम का शेयर 13 फीसदी नीचे गिरकर 272.70 रुपये पर आ गया. तो मैंगलोर रिफाइनरी के शेयर में करीब 10 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. तो ओएनजीसी का शेयर 13.53 फीसदी गिरकर बंद हुआ.

कंपनियों को हो रहा था बड़ा मुनाफा दरअसल रूस और यूक्रेन युद्ध के चलते देश की सरकारी और खासतौर से प्राइवेट ऑयल रिफाइनरी कंपनियां रूस से सस्ते में कच्चा तेल आयात कर उसे रिफाइन करने के बाद  ऊंचे दाम पर विदेशों में पेट्रोल डीजल और हवाई ईंधन बेच रही है. जिससे उन्हें जबरदस्त मुनाफा हो रहा है. विदेशों में ज्यादा पेट्रोल डीजल बेचने के कारण देश के कई राज्यों में ईंधन संकट खड़ा हो गया है. वहीं घरेलू कच्चे तेल के भी एक्सपोर्ट पर भी इन कंपनियों को फायदा हो रहा है. जिसके चलते सरकार ने इन कंपनियों पर विंडफॉल टैक्स लगाया है. 

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