Venezuelan oil import: भारत की तेल कंपनियों को बस अमेरिकी मंजूरी का इंतजार है. अगर अमेरिका भारत के लिए वेनेजुएला से क्रूड ऑयल की सप्लाई की इजाजत दे देता है, तो सालों से रुका हुआ कारोबार फिर से शुरू हो सकता है. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने कहा है कि अगर सप्लाई फिर से शुरू होती है, तो अपने देश की रिफाइनरियां वेनेजुएला से मिले क्रूड ऑयल को प्रोसेस करने के लिए तैयार है.

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प्रोसेसिंग के लिए भारतीय रिफाइनरीज तैयार

उन्होंने कहा कि आज से करीब दस साल पहले उनकी कंपनी वेनेजुएला से मिले क्रूड ऑयल की प्रोसेसिंग करती थी और अब ऐसा फिर से कर सकती है. दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में अपनी बात रखते हुए IOCL के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी ने कहा, ''अगर सब कुछ सही चलता है, अगर वेनेजुएला से बहुत सारा क्रूड ऑयल निकलने लगता है, तो क्या हम वेनेज़ुएला से तेल आयात नहीं कर सकते?'' उन्होंने आगे कहा, हमारी रिफाइनरीज मजबूत है और वेनेजुएला से मिले तेल को प्रोसेस कर सकती है, लेकिन प्रोसेसिंग तभी होगी, जब सप्लाई होनी शुरू होगी.

अमेरिका से मंजूरी मिलने के आस में कंपनियां

ऐसा नही है कि भारत पहली बार वेनेजुएला से तेल खरीदने जा रहा है, बल्कि इससे पहले भी भारत ने वेनेजुएला से बड़े पैमाने पर क्रूड ऑयल खरीदा है. साल 2019 में अमेरिका के लगाए गए प्रतिबंध के चलते भारत को अपने कदम पीछे खींचने पड़े. इसके बाद 2023-24 में अमेरिका ने कुछ समय के लिए ढील दी, तो भारत ने फिर से तेल खरीदना शुरू कर दिया.

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इसके बाद मई 2025 में फिर से अमेरिका की सख्ती के बीच भारत को आयात रोकना पड़ा. अब जब अमेरिका ने वेनेजुएला से करीब 5.2 अरब डॉलर में 50 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल खरीदने और उसे दुनिया के बाजारों में मार्केट प्राइस पर बेचने की पेशकश की है, तो रिलायंस जैसी तमाम कंपनियां वेनेजुएला से क्रूड ऑयल खरीदने के लिए अमेरिका से मंजूरी लेने की कोशिश में जुट गई हैं. 

 

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