दुनिया के सबसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति का विमान, जिसे उड़ता हुआ किला कहा जाता है, जब अचानक आसमान से लौट आए तो स्वाभाविक है कि सवाल खड़े हों. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जब स्विट्जरलैंड के दावोस जाने के लिए रवाना हुए, तब किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही मिनटों में एयर फोर्स वन को वापस लौटना पड़ेगा. आखिर इतनी हाई-टेक सुरक्षा वाले विमान में क्या गड़बड़ी हुई और इसकी देखरेख कौन करता है, यही सवाल सबके मन में है.
एयर फोर्स वन आखिर है क्या?
एयर फोर्स वन सिर्फ एक विमान नहीं, बल्कि अमेरिका की ताकत और सुरक्षा व्यवस्था का प्रतीक है. मौजूदा एयर फोर्स वन एक विशेष रूप से बदला गया बोइंग 747 विमान है, जिसे राष्ट्रपति के लिए तैयार किया गया है. इसमें अत्याधुनिक संचार प्रणाली, मिसाइल रक्षा सिस्टम और हर आपात स्थिति से निपटने की क्षमता होती है. यही वजह है कि इसे दुनिया का सबसे सुरक्षित विमान माना जाता है.
एयर फोर्स वन का मेंटिनेंस कौन करता है?
एयर फोर्स वन की देखरेख की जिम्मेदारी प्रेसिडेंशियल एयरलिफ्ट ग्रुप के पास होती है, जो सीधे व्हाइट हाउस मिलिट्री ऑफिस के तहत काम करता है. इसके अलावा अमेरिकी वायुसेना की 89वीं एयरलिफ्ट विंग, जो जॉइंट बेस एंड्रयूज पर तैनात है, विमान के पायलट, क्रू और तकनीकी स्टाफ उपलब्ध कराती है. जहां तक नए एयर फोर्स वन विमानों की बात है, उन्हें बनाने और अपग्रेड करने का काम बोइंग कर रही है, लेकिन मौजूदा विमानों की जिम्मेदारी पूरी तरह अमेरिकी वायुसेना और व्हाइट हाउस के पास ही है.
दावोस जाते वक्त क्या हुआ?
मंगलवार रात राष्ट्रपति ट्रंप एयर फोर्स वन से दावोस के लिए रवाना हुए थे, जहां उन्हें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल होना था. टेकऑफ के कुछ ही समय बाद विमान में एक मामूली इलेक्ट्रिकल समस्या सामने आई. सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखते हुए पायलट और क्रू ने बिना किसी जोखिम के विमान को वापस जॉइंट बेस एंड्रयूज ले जाने का फैसला किया.
तकनीकी खराबी कितनी गंभीर थी?
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के मुताबिक, यह एक माइनर इलेक्ट्रिकल इश्यू था. व्हाइट हाउस रैपिड रिस्पांस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि समस्या को समय रहते पहचान लिया गया था. हालांकि खराबी को छोटी बताया गया है, लेकिन राष्ट्रपति की सुरक्षा से जुड़े नियम बेहद सख्त होते हैं. जब तक विमान पूरी तरह जांच में सही साबित नहीं हो जाता, उसे दोबारा उड़ान की अनुमति नहीं दी जाती है.
सुरक्षित रहे राष्ट्रपति ट्रंप
एयर फोर्स वन रात करीब 11 बजे सुरक्षित रूप से जॉइंट बेस एंड्रयूज पर उतरा. अधिकारियों ने साफ किया कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनके साथ मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं. लैंडिंग के तुरंत बाद तकनीकी टीम ने विमान की जांच शुरू कर दी.
क्यों खास है एयर फोर्स वन?
एयरफोर्स वन को परमाणु हमले तक को झेलने के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें ऐसी संचार प्रणाली है, जिससे राष्ट्रपति किसी भी हालात में सेना और सरकार से संपर्क कर सकते हैं. इतनी उन्नत तकनीक वाले विमान में खराबी आना बेहद दुर्लभ माना जाता है, इसलिए यह घटना चर्चा का विषय बन गई.
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