Budget 2026 Expectations: जैसे-जैसे बजट का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे आम नौकरीपेशा और मिडिल क्लास परिवारों की उम्मीदें भी बढ़ने लगी हैं. हर साल 1 फरवरी को पेश होने वाला बजट सिर्फ सरकार के खर्च और कमाई के बारे में ही जानकारी नहीं देती. बल्कि इसका असर लोगों की सैलरी, टैक्स और बचत पर पड़ता है. यही वजह है कि इस दिन पर पूरे देश की नजर वित्त मंत्री के भाषण पर टिकी रहती है. 

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1 फरवरी 2026 को पेश होने वाला यूनियन बजट 2026-27 कई मायनों में खास माना जा रहा है. मौजूदा इनकम टैक्स कानून के तहत पेश होने वाला यह आखिरी बजट है. सरकार अगले वित्त वर्ष से नया Income Tax Act 2025 लागू करने की तैयारी में हैं. जिससे दशकों पुराने टैक्स नियम बदल जाएंगे. यही कारण है कि करदाताओं को इस बजट से कई बड़ी राहतों की उम्मीद हैं. आइए जानते है भारतीय मिडिल क्लास सरकार से कौन-कौन सी उम्मीदें लगाए बैठे हैं......

घर और स्वास्थ्य खर्च पर राहत की उम्मीद

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बढ़ती महंगाई के बीच आम आदमी के लिए सबसे भारी बोझ घर और इलाज से जुड़ा खर्च बनता जा रहा हैं. ऐसे में टैक्सपेयर्स उम्मीद कर रहे हैं कि, टैक्स स्लैब में बदलाव के साथ-साथ सरकार रोजमर्रा के जरूरी खर्चों पर छूट देकर उन्हें राहत दें. मौजूदा समय में होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की जो छूट मिलती है. यह प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों के मुकाबले काफी कम मानी जा रही है.

वहीं मिडिल क्लास की यह भी मांग है कि अगर सरकार न्यू टैक्स रिजीम को आगे बढ़ाती हैं, तो उसमें कुछ अहम कटौतियों को शामिल किया जाए. खासतौर पर हेल्थ इंश्योरेंस और होम लोन से जुड़ी टैक्स छूट की उम्मीद मिडिल क्लास कर रहा है. ताकि लोग इलाज और घर जैसी जरूरतों के लिए बिना ज्यादा दबाव के बचत और निवेश कर सकें.

पुराने टैक्स सिस्टम में फंसे टैक्सपेयर्स की उम्मीदें

पिछले बजट में सरकार ने न्यू टैक्स रिजीम से टैक्सपेयर्स को राहत देने का ऐलान किया था. 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री करने की घोषणा की गई थी. हालांकि, इस दौरान वे टैक्सपेयर्स खुद को नजरअंदाज महसूस करने लगे, जो अब भी पुराने टैक्स सिस्टम पर टिके हुए हैं और उसी को ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं.

ओल्ड टैक्स रिजीम को फॉलो करने वाले टैक्सपेयर्स पीएफ, इंश्योरेंस और होम लोन जैसी बचत योजनाओं पर निर्भर रहते हैं. उन्हे उम्मीद है कि सरकार बेसिक छूट सीमा, जो अब भी 2.5 लाख रुपये है उसे बढ़ाने का फैसला करेगी. साथ ही धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये की जो सीमा तय है, उसे बढ़ाने की उम्मीद भी की जा रही है. टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि सरकार इसे 2 लाख रुपये करेगी.  

रोजगार को लेकर बड़ी उम्मीदें 

बजट 2026 से मिडिल क्लास रोजगार से संबंधित बहुत सी उम्मीदें लगाए बैठे हैं. उन्हें उम्मीद है कि, सरकार बजट 2026 में रोजगार और स्किलिंग को प्राथमिकता देगी. जिससे नए रोजगार का सृजन होगा और मिडिल क्लास को इससे फायदा मिलेगा. रोजगार बढ़ने से घर में आमदनी बढ़ेगी, साथ ही अगर सरकार MSME लोन में युवाओं पर ध्यान देती है तो, स्वरोजगार के कई नए रास्ते खुल सकते हैं. 

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