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भारत में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स की मदद से मरीज़ों की देखभाल में हो रहे हैं सुधार

डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स से स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहतर होती हैं. ABHA के माध्यम से सटीक और ताजा जानकारी मिलने से स्वास्थ्य सेवा प्रदाता बीमारी की पहचान और उसके उपचार के लिए बेहतर निर्णय ले सकते हैं.

सितंबर 2021 में, हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के शुभारंभ के साथ, भारत के स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिले हैं, जिनका उद्देश्य है मरीज़ों के लिए देखभाल की बेहतर सुविधाएं और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना. हमने डिजिटल हेल्थ
रिकॉर्ड्स को अपनाकर इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है. इसके साथ ही, इस योजना के अंतर्गत मरीज़ों को विभिन्न लाभ भी मिलते हैं. आइए समझते हैं कि हेल्थ रिकॉर्ड्स के डिजिटलीकरण से मरीज़ों की देखभाल में कितने बेहतरीन बदलाव आए हैं.

सबसे पहले, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स की मदद से मरीज़ों के लिए चिकित्सा की प्रक्रिया अब सुव्यवस्थित हो गई है. परंपरागत कागज़ी रिकॉर्ड्स से मरीज़ों को अपना मेडिकल इतिहास या टेस्ट रिपोर्ट्स मिलने में अक्सर देरी और असुविधा का सामना करना पड़ता था. आज, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स को ड्रीफकेस जैसी ऐप में सुरक्षित रूप से सेव किया जा सकता है और उन्हें आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) के माध्यम से एक्सेस भी किया जा सकता है. मरीज़ अब कभी भी, कहीं भी, एक ही जगह पर अपने स्वास्थ्य से जुड़े सभी रिकॉर्ड्स को सुविधाजनक रूप से देख सकते हैं और मैनेज भी कर सकते हैं. इस सुविधा की मदद से मरीज़ खुद ही अपने स्वास्थ्य कल्याण में सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं और अपने लिए बेहतर फैसले भी ले सकते हैं.
 
हेल्थ रिकॉर्ड्स को ड्रीफकेस पर मरीज़ों के ABHA कार्ड से लिंक कर देने के बाद, मरीज़ अपनी सहमति के साथ, अपनी मेडिकल जानकारी को अधिकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ आसानी से शेयर कर सकते हैं. जानकारी शेयर करने की इस सुविधा से विभिन्न हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के बीच बेहतर सामंजस्य बनता है, जिससे वे मरीज़ों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में सक्षम होते हैं. चाहे डॉक्टर से परामर्श लेना हो या स्वास्थ्य से जुड़े किसी दूसरे सुविधा केंद्र में जाना हो, मरीज़ों को निरंतर बेहतर उपचार मिलने की पूरी उम्मीद रहती है.

यह गर्व की बात है कि भारत में अभी तक 57.97+ करोड़ ABHA अकाउंट बनाए जा चुके हैं. इससे पता चलता है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में डिजिटल समाधानों को बड़े स्तर पर अपनाया जा रहा है.  इसके साथ ही, करीब 35.47 करोड़ से अधिक हेल्थ रिकॉर्ड्स को, बिना किसी परेशानी के, ABHA से लिंक किया जा चुका है. ये उल्लेखनीय आंकड़े दर्शाते हैं कि डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स को बेहद असरदार तरीके से अपनाया गया है. साथ ही, HFR (हेल्थकेयर फेसिलिटी रजिस्ट्री) पर 2.38 लाख से अधिक सत्यापित सुविधा केंद्र पंजीकृत हुए हैं, जो ऐसे डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म्स के बड़े स्तर पर इस्तेमाल होने का एक और प्रमाण देते हैं.
 
डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स से स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहतर होती हैं.  ABHA के माध्यम से सटीक और ताजा जानकारी मिलने से स्वास्थ्य सेवा प्रदाता बीमारी की पहचान और उसके उपचार के लिए बेहतर निर्णय ले सकते हैं. इससे चिकित्सा में गलतियां होने की संभावनाएं कम होती हैं और यह भी सुनिश्चित होता है कि मरीज़ों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सबसे उपयुक्त स्वास्थ्य सेवा मिले. ABDM का लक्ष्य है सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज. डिजिटल रिकॉर्ड्स दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को और सीमित संसाधनों से जूझने वाले लोगों को भी स्वास्थ्य कल्याण एवं मेडिकल सेवाओं से जोड़ने की शक्ति रखते हैं.

अंत में, डिजिटल रिकॉर्ड्स को अपनाना यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है. इनसे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि स्वास्थ्य सेवाएं लगातार मिलती रहें और परिणामों में भी सुधार होते रहें. सभी के लिए प्रभावशाली और बेहतर क्वालिटी वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए, इस डिजिटल युग को अपनाना और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स की सुविधा लेना, एक महत्वपूर्ण कदम है.

डिस्क्लेमर: एबीपी नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड/या एबीपी लाइव किसी भी तरह से इस आर्टिकल के कटेंट या यहां व्यक्त किए गए विचारों के लिए जिम्मेदार नहीं है. पाठकों को अपने विवेक का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.

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