भारत में कैब सर्विस यूज करने वालों के लिए जल्द ही एक नया ऑप्शन मिलने वाला है. वियतनाम की इलेक्ट्रिक कार कंपनी VinFast अपनी टैक्सी सेवा Green SM को भारत में लॉन्च करने की तैयारी कर चुकी है. कंपनी 5 जून से दिल्ली-एनसीआर में इस सेवा की शुरुआत करेगी. इसके बाद धीरे-धीरे इसे देश के दूसरे बड़े शहरों जैसे बेंगलुरु में भी शुरू किया जाएगा. कंपनी का टारगेट लोगों को सस्ती, आरामदायक और ईको-फ्रेंडली टैक्सी सेवा उपलब्ध कराना है.
Green SM की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक टैक्सियों पर सेवा होगी. यानी इस फ्लीट में पेट्रोल, डीजल या सीएनजी की जगह सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ी ही इस्तेमाल की जाएगी. इससे पॉल्यूशन कम होगा और यात्रियों को एक शांत और स्मूद सफर का फील मिलेगा. आज जब देश के बड़े शहरों में वायु प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन चुका है, ऐसे में इलेक्ट्रिक टैक्सियों की शुरुआत को एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
1000 इलेक्ट्रिक टैक्सियां उतारेगी
कंपनी शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर करीब 1,000 इलेक्ट्रिक टैक्सियां उतारेगी. इन टैक्सियों के लिए VinFast की नई VF MPV7 इलेक्ट्रिक कार का इस्तेमाल किया जाएगा. यह एक MPV यानी मल्टी-पर्पज व्हीकल होगी, जिसमें यात्रियों के बैठने के लिए काफी जगह मिलेगी. परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोगों या ज्यादा सामान लेकर चलने वाले यात्रियों के लिए यह गाड़ी काफी सुविधाजनक साबित हो सकती है.
इन टैक्सियों को एक अलग पहचान देने के लिए कंपनी ने इनके लिए खास टरक्वॉइज रंग चुना है. इस रंग की वजह से सड़क पर इन्हें आसानी से पहचाना जा सकेगा. हालांकि ग्राहकों के लिए बेची जाने वाली VF MPV7 कारों का डिजाइन और रंग अलग होगा. यानी टैक्सी फ्लीट की गाड़ियां आम लोगों की गाड़ियों से अलग दिखाई देंगी.
कितना होगा गाड़ी का किराया?
Green SM के किराए को लेकर भी कंपनी ने बड़ा दावा किया है. कंपनी के मुताबिक, यात्रियों से केवल 8 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया लिया जाएगा. इसके अलावा सबसे राहत देने वाली बात यह है कि इसमें सर्ज प्राइसिंग नहीं होगी. आमतौर पर Ola और Uber जैसी सेवाओं में बारिश, ट्रैफिक, त्योहार या पीक ऑवर्स के दौरान किराया कई गुना बढ़ जाता है. लेकिन Green SM में यात्रियों को ऐसी एक्स्ट्रा कीमत नहीं चुकानी पड़ेगी. इससे लोगों को पहले से ही यात्रा खर्च का अंदाजा रहेगा और जेब पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा.
Green SM का बिजनेस मॉडल भी दूसरी टैक्सी कंपनियों से अलग है. Ola और Uber मुख्यतौर पर उन ड्राइवर्स पर निर्भर रहती हैं जो अपनी प्राइवेट गाड़ियों को प्लेटफॉर्म से जोड़ते हैं. वहीं Green SM के पास अपनी खुद की टैक्सी फ्लीट होगी. इसका मतलब है कि कंपनी सीधे गाड़ियों की देखरेख, सफाई और रखरखाव पर कंट्रोल रख सकेगी. इससे यात्रियों को बेहतर क्वालिटी वाली और अच्छी स्थिति में मौजूद गाड़ियां मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है.
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