4H vs 4L in SUV: आजकल कई एसयूवी और 4x4 गाड़ियों में 4H और 4L जैसे विकल्प देखने को मिलते हैं. लेकिन ज्यादातर लोग इनके बारे में पूरी जानकारी नहीं रखते. कई बार ड्राइवर इन मोड्स का सही इस्तेमाल नहीं कर पाते, जिसकी वजह से वाहन की क्षमता का पूरा फायदा नहीं मिल पाता. अगर आप ऑफ रोडिंग के शौकीन हैं या पहाड़ी, कीचड़ भरे और पथरीले रास्तों पर अक्सर सफर करते हैं, तो 4H और 4L का मतलब समझना बेहद जरूरी है. 

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ये दोनों मोड वाहन के फोर व्हील ड्राइव सिस्टम का हिस्सा होते हैं और अलग-अलग परिस्थितियों में इस्तेमाल किए जाते हैं. सही समय पर सही मोड चुनने से न केवल गाड़ी की पकड़ बेहतर होती है बल्कि कठिन रास्तों पर ड्राइविंग भी काफी आसान हो जाती है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि 4H और 4L आखिर क्या होते हैं और इनका इस्तेमाल कब करना चाहिए.

4H मोड कब इस्तेमाल करना चाहिए?

4H का मतलब होता है फोर व्हील हाई. इस मोड में इंजन की ताकत चारों पहियों तक पहुंचती है, लेकिन वाहन सामान्य से अपेक्षाकृत अधिक गति पर चल सकता है. यह मोड उन परिस्थितियों के लिए बनाया गया है जहां सड़क पर पकड़ कम हो लेकिन बहुत ज्यादा कठिनाई भी न हो. उदाहरण के लिए बारिश में फिसलन वाली सड़क, बर्फ से ढका रास्ता, कच्चा रास्ता या हल्की ऑफ रोडिंग. 

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4H मोड वाहन को अतिरिक्त ग्रिप देता है और पहियों के फिसलने की संभावना कम करता है. इस मोड का फायदा यह है कि ड्राइवर बेहतर नियंत्रण के साथ अपेक्षाकृत सामान्य गति बनाए रख सकता है. हालांकि इसे सूखी और पूरी तरह सामान्य पक्की सड़कों पर लगातार इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती. ऐसा करने से ड्राइवट्रेन पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. इसलिए 4H का इस्तेमाल केवल तब करें जब अतिरिक्त ट्रैक्शन की जरूरत महसूस हो.

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4L मोड कठिन रास्तों का असली साथी

4L का मतलब होता है फोर व्हील लो. यह मोड बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया है. जब वाहन को ज्यादा टॉर्क और अधिक खींचने की ताकत की जरूरत होती है, तब 4L का इस्तेमाल किया जाता है. गहरे कीचड़, बड़े पत्थरों वाले रास्ते, खड़ी चढ़ाई, रेतीले इलाके या पानी भरे हिस्सों में यह मोड सबसे ज्यादा उपयोगी साबित होता है. 4L में वाहन की गति कम हो जाती है लेकिन पहियों तक ज्यादा ताकत पहुंचती है. इससे वाहन कठिन बाधाओं को आसानी से पार कर पाता है. 

इस मोड का इस्तेमाल सामान्य सड़क पर कभी नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह केवल कम गति और अधिक टॉर्क वाली परिस्थितियों के लिए बनाया गया है. अगर आप ऑफ रोडिंग के दौरान सही समय पर 4H और 4L का उपयोग करना सीख लेते हैं, तो आपकी एसयूवी की असली क्षमता सामने आ सकती है और मुश्किल रास्तों पर भी ड्राइविंग का अनुभव कहीं ज्यादा सुरक्षित और रोमांचक बन सकता है.

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