Mumbai Pune Expressway Rule Changed: हमारे देश में इस समय सरकार कई बड़े एक्शन ले रही है. जिसमें कुछ नियम 1 नवंबर से लागू होने हैं. बता दें कि आज हम जिस खबर की बात करेंगे वह है मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लगे कुछ गाड़ियों के बैन पर. दरअसल मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए कनेक्टिंग लिंक पर मालवाहक गाड़ियों के एंट्री पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है.

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यह फैसला महाराष्ट्र हाईवे पुलिस और ट्रैफिक विभाग ने यात्रियों की सेफ्टी और इस रास्ते पर बने टनल के विशेष तकनीकी डिजाइन को ध्यान में रखते हुए लिया है. प्रशासन की तरफ से जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार इस नए रूट पर किसी भी तरह के कमर्शियल गुड्स व्हीकल को जाने की अनुमति नहीं होगी. तो आइए विस्तार से जानते हैं कि कौन सी गाड़ियों पर बैन लगाया गया है और किन वाहनों को छूट मिलेगी.

किन वाहनों पर लगा है बैन?

बता दें कि ट्रैफिक विभाग के एडिशनल डायरेक्टर जनरल प्रवीण सालुंखे द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सभी प्रकार के मालवाहक वाहनों को इस कनेक्टिंग लिंक से गुजरने से रोक दिया गया है. जबकि सबसे खास बात यह है कि इस बैन के दायरे में केवल बड़े ट्रक ही नहीं बल्कि छोटे कमर्शियल वाहन, पिकअप वैन और छोटा हाथी जैसे लाइट कमर्शियल व्हीकल भी शामिल हैं.

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वहीं इस रुट पर ज्वलनशील पदार्थ, केमिकल, बारूद या विस्फोटक ले जाने वाले सभी खतरनाक टैंकरों पर भी पूरी तरह से पाबंदी रहेगी. जबकि ट्रैफिक विभाग ने पैसेंजर्स और आम जनता की सुविधा के लिए प्राइवेट कारों, जीपों और अन्य नॉन-कमर्शियल लाइट मोटर व्हीकल्स को इस नए रास्ते का इस्तेमाल करने की पूरी अनुमति दी गई है. इसके साथ ही नियमित रूप से चलने वाली पैसेंजर बसों और यात्री गाड़ियों को भी इस कनेक्टिंग लिंक से होकर गुजरने की छूट रहेगी.

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अब किस रास्ते से जाना होगा?

जानकारी दें दे कि जिन मालवाहक वाहनों और खतरनाक सामान ले जाने वाली गाड़ियों को 1 नवंबर से इस नए कनेक्टिंग लिंक पर जाने से रोका गया है, उनके लिए पुराना रूट ही चालू रहेगा. ऐसे सभी कमर्शियल वाहनों को अब मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करना पड़ेगा.

क्योंकि प्रशासन का कहना है कि टनल और नए लिंक की बनावट ऐसी है जहां भारी और धीमी गति से चलने वाले मालवाहक वाहनों के कारण ओवरटेकिंग में दिक्कत आती है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. पुराने रास्ते से कमर्शियल वाहनों को भेजने के फैसले से नए लिंक पर केवल पैसेंजर गाड़ियां ही तेज रफ्तार में आसानी से और बिना किसी बाधा के निकल सकेंगी.

नई स्पीड लिमिट भी हुई तय

वहीं इसके अलावा सफर को सुरक्षित बनाने के लिए वाहनों की स्पीड लिमिट भी तय कर दी गई है. नए नियमों के मुताबिक प्राइवेट कारों, जीपों और अन्य हल्के यात्री वाहनों के लिए अधिकतम स्पीड लिमिट 100 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है. वहीं पैसेंजर बसों और अन्य बड़े यात्री वाहनों के लिए अधिकतम स्पीड लिमिट 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है.

इन कारणों के चलते लिया गया फैसला

आपको बता दें कि महाराष्ट्र ट्रैफिक पुलिस के अनुसार इस नए कनेक्टिंग लिंक में कई लंबी सुरंगे और ऊंचे पुल बनाए गए हैं. सुरंगों के अंदर वेंटिलेशन, इमरजेंसी निकासी और गाड़ियों की बनावट को देखते हुए कमर्शियल वाहनों की एंट्री रोक दी गई है. क्योंकि सुरंग के अंदर कोई भारी मालवाहक गाड़ी खराब हो जाती है या उसमें आग लग जाती है तो पूरे लिंक पर भारी जाम लग सकता है और यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है.

इसलिए 1 नवंबर से स्थायी रूप से लागू होने वाले इस फैसले से मुंबई-पुणे के बीच चलने वाले कार सवारों और बस यात्रियों का सफर न केवल ज्यादा सुरक्षित होगा बल्कि उनके यात्रा के समय में भी काफी बचत होगी.

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