गाड़ी चलाते समय अक्सर लोग माइलेज को लेकर कई तरह के तरीके अपनाते हैं, जैसे सही गियर में गाड़ी चलाना, स्पीड कंट्रोल में रखना या टायर प्रेशर सही रखना. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हवा की दिशा भी आपकी कार के माइलेज पर असर डाल सकती है. जी हां, यह सुनने में भले अजीब लगे, लेकिन विज्ञान के मुताबिक यह पूरी तरह सच है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर हवा के विपरीत चलने पर माइलेज क्यों घट जाता है.
क्या होता है एयरोडायनामिक ड्रैग?
जब कार चलती है, तो उसे आगे बढ़ने के लिए हवा को चीरकर रास्ता बनाना पड़ता है. इस दौरान हवा गाड़ी पर एक तरह का दबाव डालती है, जिसे एयरोडायनामिक ड्रैग यानी वायु प्रतिरोध कहा जाता है. यह प्रतिरोध जितना ज्यादा होगा, इंजन को उतनी ही ज्यादा ताकत लगानी पड़ेगी, और इंजन जितनी ज्यादा मेहनत करेगा, उतना ही ज्यादा ईंधन खर्च होगा. यही वजह है कि हवा की दिशा और रफ्तार सीधे तौर पर कार के माइलेज को प्रभावित करती है.
हवा के विपरीत चलने पर क्यों घटता है माइलेज?
जब कार हवा के विपरीत दिशा यानी हेडविंड में चलती है, तो उसकी असल एयरस्पीड उसकी असली रफ्तार से कहीं ज्यादा हो जाती है. मान लीजिए आपकी कार 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है और सामने से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा आ रही है, तो कार को असल में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार जितनी हवा का सामना करना पड़ता है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वायु प्रतिरोध रफ्तार के वर्ग के हिसाब से बढ़ता है, यानी हवा की रफ्तार जितनी ज्यादा होगी, प्रतिरोध उतनी ही तेजी से बढ़ेगा. यही कारण है कि सिर्फ 15-20 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा भी माइलेज पर बड़ा असर डाल सकती है. हाइवे स्पीड पर तो कुल प्रतिरोध का करीब आधा हिस्सा सिर्फ हवा को चीरने में ही खर्च हो जाता है.
पीछे से चलने वाली हवा होती है फायदेमंद
इसके विपरीत, अगर हवा आपकी कार के पीछे से चल रही हो, तो गाड़ी को हवा से उतनी टक्कर नहीं लेनी पड़ती और इंजन पर दबाव कम हो जाता है, जिससे माइलेज बेहतर मिलता है. यही वजह है कि एक ही रूट पर जाते और आते वक्त, अगर हवा की दिशा बदल जाए, तो कार का माइलेज भी अलग-अलग हो जाता है.
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माइलेज बचाने के लिए क्या करें?
अगर आप तेज हवा के दौरान लंबी दूरी की यात्रा कर रहे हैं, तो कुछ आसान तरीकों से माइलेज पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सकता है. जैसे स्पीड थोड़ी कम रखने से हवा का प्रतिरोध घट जाता है, जिससे ईंधन की खपत भी कम होती है. साथ ही गाड़ी की खिड़कियां बंद रखना भी फायदेमंद रहता है, क्योंकि खुली खिड़कियां भी अतिरिक्त दबाव पैदा करती हैं. इसके अलावा गाड़ी की छत पर बिना जरूरत का सामान या कैरियर लगाकर रखने से भी हवा का प्रतिरोध बढ़ जाता है.
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