Continues below advertisement
नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

टॉप स्टोरीज फ्रॉम नीलेश ओझा

Video: ना नंबर प्लेट और ना हेलमेट, बाइक पर उल्टी बैठी लड़की ने दिया Flying Kiss, वीडियो वायरल
इस फर्श पर नाचने, कूदने, चलने या दौड़ने से बनेगी बिजली
Viral Video: लड़की ने साइकिल से ऐसा स्टंट किया, देखने वालों की आंखें खुली रह गई
दुनिया का एकमात्र ऐसा देश जो कभी भी किसी का गुलाम नहीं रहा, जानिए क्या रहा इसके पीछे कारण
दुनिया का सबसे अमीर क्रिमिनल, बेटी को ठंड से बचाने के लिए जला दिए करोड़ों रुपये
हिटलर को कोई मार नहीं पाया था, ऐसे हुआ था जर्मनी के तानाशाह का अंत
अंतिम क्रिया के लिए मानव शरीर का दाह संस्कार ज्यादा बेहतर है या दफनाना, समझें क्या कहती है रिपोर्ट?
क्या होता है गोरखधंधा, कहाँ से पड़ा ये नाम? इतिहास के पन्नों में दर्ज है राज़
1947 में भारत तो अंग्रेजो से हो गया था आजाद लेकिन इन राज्यों को सालों बाद मिली आजादी
शिमला और मसूरी में फेमस है मॉल रोड... लेकिन इसका मतलब पता है आपको
पद्म पुरस्कार विजेता भूल से भी ना करें ये गलती, वरना छिन सकता है पुरस्कार
कश्मीर में होते हैं सर्दियों के तीन मौसम... क्या है इसके पीछे की कहानी?
Winter Solstice 2023: आज है साल की सबसे लंबी रात... 16 घंटे रहेगा छाया अंधेरा, जानें क्या है इसके पीछे वजह?
सिर्फ पान का पत्ता ही कत्था-सुपारी लगाकर क्यों खाया जाता है और कोई पत्ता क्यों नहीं?
इतनी होती है शराब की एक बोतल की असली कीमत, इतने टैक्स सैकड़ों रुपये तक पहुंचा देते हैं दाम
कैसे होती है रईस लोगों की दौलत की गिनती, अमीरों की लिस्ट में कैसे ऊपर नीचे होता है नाम?
मिमिक्री क्या होती है, कब से चलन में आया यह शब्द और पहली बार किसने की थी किसकी नकल? आइए जानते हैं
Sponsored Links by Taboola