Panchak in September: ज्योतिष में पंचक को बहुत ही अशुभ काल माना जाता है. यह एक ऐसा विशेष मुहूर्त दोष होता है, जिसमें किसी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों के साथ अन्य जरूरी कार्य भी वर्जित होते है. पंचांग के अनुसार, पंचक 9 सितंबर 2022, शुक्रवार को सुबह 12 बजकर 39 मिनट से शुरू होकर 13 सितंबर 2022, मंगलवार का सुबह 6 बजकर 36 मिनट पर समाप्त होगा. यह चोर पंचक लगा है.
पंचककेप्रकार
पंचक का नाम दिनों के आधार पर तय किये जाते हैं. ये कुल 5 प्रकार के होते हैं. रविवार से शुरू होने वाले पंचक को 'रोग पंचक', सोमवार को 'राज पंचक', मंगलवार को 'अग्नि पंचक', शुक्रवार को चोर पंचक और शनिवार को 'मृत्यु पंचक' कहा जाता है.
चोरपंचकक्याहोताहै?
पंचक पांच प्रकार के होते हैं. इनके नाम दिनों के आधार पर रखे जाते हैं. जब पंचक शुक्रवार को शुरू होते हैं तो उसे चोर पंचक योग कहा जाता है.
पंचककासमय (सितंबर)
हिंदू पंचांग के अनुसार, पंचक शुक्रवार, 09 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 39 मिनट से लेकर मंगलवार, 13 सितंबर को सुबह 06 बजकर 36 मिनट तक रहेंगे. इस दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य ना करने की सलाह दी जाती है.
अगलापंचककालकबलगेगा?
पंचक करीब हर महीने में एक बार लगता है. अक्टूबर में पंचक लगने जा रहा है. पंचांग के अनुसार, अक्टूबर माह का पंचक 6 अक्टूबर से लेकर 10 अक्टूबर तक रहेगा.
- पंचककाल: 6 अक्टूबर 2022 दिन गुरुवार को सुबह 8 बजकर 29 मिनट से
- पंचककासमापन: 10 अक्टूबर 2022 दिन सोमवार को शाम 4 बजकर 2 मिनट से
पंचकमेंनाकरेंये 5 गलतियां
- पंचक काल में लकड़ी खरीदकर घर लाना या इकट्ठा करना वर्जित होता है.
- इस दौरान घर की छत बनवाना या उसकी मरम्मत करवाना अशुभ फल देता है.
- पंचक में शव का अंतिम संस्कार करना अनुचित होता है.
- पंचक में पलंग या चारपाई नहीं बनवानी चाहिए.
- पंचक में दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करना वर्जित है.
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