Food Processing Subsidy: अकसर मंडी में किसानों को उपज के सही दाम नहीं मिल पाते. मजबूरी में कम भाव पर ही उपज को बेचना पड़ जाता है. इससे खेती की लागत भी नहीं निकल पाती. इस चिंता को दूर करने के लिए किसानों को खाद्य प्रसंस्करण यानी फूड प्रोसेसिंग (Food Processing) से जोड़ा जा रहा है, क्योंकि सादा उपज की तुलना में प्रोसेस्ड फूड को बाजार में अच्छे दाम मिल जाते हैं. साथ ही देश-विदेश में सप्लाई करने की सहूलियत भी मिलती है. इसे एग्री बिजनेस (Agri Business) के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके लिए देश में सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना भी चलाई जा रही है.
इस योजना के तहत फूड प्रोसेसिंग यूनिट लागने के लिए सरकार आर्थिक मदद भी देती है. ये योजना देश के सभी राज्यों को गांव से लेकर शहरों तक को कवर करती है, जो किसानों के लिए अच्छी बात है. राजस्थान में भी कई किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं. आइए जानते है कि सरकार की आर्थिक मदद लेकर आप कौन-कौन से फूड़ प्रॉडक्ट बना सकते हैं.
यहां मिलेगा अनुदानदेश के कई इलाकों में फूड प्रोसेसिंग बिजनेस शुरू करने के लिए अनुदान शिविर लगाए जाते हैं. इस बार राजस्थान के सीकर की कृषि उपज मंडी में आर्थिक सहायता के लिए शिविर लगाया जा रहा है. अब जिन किसानों को मंडी में उपज का सही भाव नहीं मिलता या फिर कृषि के साथ-साथ कुछ नया शुरू करना चाहते हैं वो 22 तारीख को सीकर की कृषि मंडी में लगे इस अनुदान शिविर में जाकर सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते है. यहां किसानों को 35% सब्सिडी के साथ लोन की सुविधा भी दी जाएगी. केंद्र सरकार ने इस योजना में सीधा आवेदन करने के लिएhttps://www.mofpi.gov.in/pmfme/पोर्टल भी बनाया है.
फूड प्रोसेसिंग यूनिट के लिए 35% सब्सिडीसूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत फल, सब्जी, मसाले, फूल और अनाजों की प्रोसेसिंग, वेयर हाउस और कोल्ड हाउस, फैक्ट्री या उद्योग लगाने के लिए 35% सब्सिडी दी जाती है. सरकार से मिलने वाली इस आर्थिक सहायता से अचार, मसाला, तेल, जूस, नमकीन, पापड़, बेकरी, दूध उत्पाद, दाल, आटे, मूंगफली उत्पाद समेत सभी कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण कर सकते हैं.
इन बातों का रखें ध्यानकेंद्र सरकार की सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत किसानों या व्यक्तिगत निवेशकों के लिए पात्रता निर्धारित की गई है.
- आवेदन करने के लिए 18 से 50 साल की उम्र होनी चाहिए.
- आवेदक की शैणक्षिक योग्यता कम से कम 5 वीं पास होनी चाहिए.
- आवेदक के पास खुद का भू-स्वामित्व अधिकार होना चाहिए.
- एक परिवार से एक ही व्यक्ति को सब्सिडी का लाभ मिलेगा.
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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