किसानों के लिए खेती का काम आसान बनाने और मशीनों की लागत कम करने के लिए सरकार कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा दे रही है. इसके तहत सिर्फ ट्रैक्टर ही नही, बल्कि जुताई, बुवाई, कटाई, फसल अवशेष प्रबंधन और अन्य कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाली कई मशीनों पर भी सब्सिडी मिल सकती है.

Continues below advertisement

कृषि यंत्रों पर आर्थिक सहायता देने के लिए सरकार की कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन योजना महत्वपूर्ण है. इसके तहत खेती में इस्तेमाल होने वाली कई मशीनों और उपकरणों की खरीद पर किसानों को वित्तीय सहायता दी जाती है. इसमें जुताई, बुवाई, रोपाई, कटाई, मड़ाई, फसल सुरक्षा और फसल अवशेष प्रबंधन जैसे कामों में इस्तेमाल होने वाले कृषि यंत्र शामिल हैं. यानी किसान जरूरत के हिसाब से ट्रैक्टर के अलावा दूसरे उपकरणों पर भी सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं.

इन कृषि मशीनों पर मिल सकती है मदद

सब्सिडी वाली मशीनों में रोटावेटर, बीज बोने की ड्रिल, बीज-सह-उर्वरक ड्रिल, पावर टिलर, रीपर, रीपर बाइंडर, थ्रेशर और फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े उपकरण शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा कटाई के बाद के काम और प्रोसेसिंग से जुड़ी मशीनों को भी योजना के तहत सहायता मिल सकती है. कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक के जरिए भी किसान महंगी मशीनों को किराये पर इस्तेमाल कर सकते हैं.

Continues below advertisement

कितनी मिलती है सब्सिडी?

सब्सिडी की राशि मशीन, किसान की श्रेणी और राज्य के नियमों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है. मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, कृषि मशीनरी की खरीद पर सामान्य लाभार्थियों के लिए करीब 40 प्रतिशत और कुछ पात्र श्रेणियों, जैसे अनुसूचित जाति-जनजाति, छोटे एवं सीमांत किसानों और पूर्वोत्तर राज्यों के लाभार्थियो के लिए 50 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता का प्रावधान है. हालांकि हर मशीन पर अधिकतम सब्सिडी की सीमा अलग हो सकती है.

कृषि मशीनरी सब्सिडी की प्रक्रिया राज्य सरकारों के माध्यम से लागू होती है. कई राज्यों में किसान ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं. केंद्र सरकार का फार्म मशीनरी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर पोर्टल भी कृषि यंत्रीकरण से जुड़ी सेवाओ के लिए इस्तेमाल किया जाता है. आवेदन के दौरान किसान का आधार, मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे जातें  हैं.

यह भी पढ़ें:सिर्फ एक गमले में सालभर मिल सकती है हरी मिर्च, जानें तरीका

सब्सिडी लेने से पहले चेक करें पात्रता

सब्सिडी का लाभ लेने से पहले अपने राज्य में उपलब्ध योजना, पात्रता, मशीनों की सूची, सब्सिडी की अधिकतम सीमा और आवेदन की तारीख जरूर जांच ले. 2026-27 के लिए राज्यों को अपने वार्षिक लक्ष्य और मशीनरी वितरण की प्रक्रिया तय करनी होती है, इसलिए आवेदन की उपलब्धता राज्य के अनुसार अलग हो सकती है. सरकार के अनुसार इस योजना के तहत अब तक देशभर में 21.61 लाख कृषि मशीने किसानों को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, और इसके जरिए आधुनिक कृषि उपकरणों तक छोटे किसानों की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है.

यह भी पढ़ें: ट्रैक्टर खरीदने पर 2.45 लाख रुपये की सब्सिडी, जानें तरीका