टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक इंडोनेशिया एक मुस्लिम देश है, जहां हर दिन रामलीला के कार्यक्रम का आयोजन होता है.
इंडोनेशिया में रामायण को धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के रूप में देखा जाता है.
इंडोनिशिया के आइलैंड जावा में स्थित प्रम्बनान हिंदू मंदिर परिसर में रामायण की प्रस्तुति प्रसिद्ध है.
रामलीला देखने के लिए केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि विश्वभर से पर्यटक आते हैं.
इंडोनेशियाई के मुस्लिम कलाकार मंच पर रामलीला की प्रस्तुति देते हैं.
प्रोफेसर संतोष एन देसाई के मुताबिक रामायण तीन मार्गों से चीन, तिब्बत, पूर्वी तुर्कमेनिस्तान, इंडोनेशिया, वियतनाम, कंबोड़िया, बर्मा, थाईलैंड और लाओस तक पहुंची.
विद्वानों के अनुसार रामायण के 300 से अधिक संस्करण मौजूद हैं.
रामायण मूलतः संस्कृत में वाल्मीकि ने लिखी थी.
थाईलैंड के महाकाव्य को रामाकिएन के नाम से जाना जाता है, जो रामायाण का ही एक संस्करण है.