वानर सेना द्वारा राम सेतु का निर्माण रामायण का एक प्रमुख प्रसंग है.



इस कार्य को दो वानर योद्धाओं नल और नील की मार्ग निर्देशन में पूरा किया गया था.



समुद्र पर पुल बनाना आसान नहीं था क्योंकि वानर पानी में पत्थर डालते थे, वे डूब जाते थे.



तब नल और नील ने श्रीराम को बताया कि उन्हें समुद्र पर पुल बनाने की कला आती है.



नल-नील ने ये भी बताया कि वे देवताओं के शिल्पी (इंजीनियर) विश्वकर्मा के पुत्र हैं,



इसलिए वे ये काम आसानी से कर सकते हैं. तब श्रीराम के



आदेश पर ही उन्होंने रामसेतु का डिजाइन तैयार किया और



अपने कौशल के चलते इस कार्य को पूरा करने में जुट गए.



वाल्मीकि रामायण के अनुसार, वानर सेना को



समुद्र पर पुल बनाने में 5 दिन का समय लगा.