आमतौर पर ज्यादातर लोग सुबह उठकर सूर्यदेव को जल अर्पित करते हैं.



हर रोज सूर्य देव को जल चढ़ाने का शास्त्रों में भी खास महत्व बताया गया है.



मान्यताओं के अनुसार नियमित रूप से सूर्य देव को अर्घ्य देने से



समाज में मान सम्मान बढ़ता है, खूब तरक्की मिलती है.



वास्तु के अनुसार सूर्य देव को जल चढ़ाने के लिए



हमेशा तांबे के लोटे का ही इस्तेमाल करना चाहिए.



सूर्य को जल देते समय अपना मुख पूर्व दिशा की ओर रखें.



सूर्य देव को जल अर्पित करने का सबसे अच्छा समय सूर्योदय होता है.



इसे 'ब्रम्ह मुहूर्त' कहा जाता है. ज्योतिष के अनुसार, सूर्य को जल देने का



सबसे अच्छा समय सूर्योदय के एक घंटे के भीतर ही होता है.