कुछ लोगों को रात में खर्राटे लेने की आदत होती है

डेलीमेल में खर्राटे को लेकर एक रिपोर्ट छापी है

रिपोर्ट के मुताबिक, 30 की उम्र के हर 10 में से 1 इंसान को खर्राटों की समस्या है

सोते समय खर्राटे लेना सांस लेने की प्रोसेस को बाधित करता है

जिस वजह से इंसान बीच-बीच में बार-बार जागता रहता है

इसका दिमाग पर बुरा असर पड़ता है

इससे शरीर में ब्लड फ्लो और ऑक्सीजन का लेवल घट जाता है

जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया था

ये रिसर्च 35 से 70 साल के बीच आयु के 27 पुरुषों पर किया गया था

इस रिसर्च में बताया है कि खर्राटे लेना दिमाग के लिए सही नहीं है