जिसका समापन 27 मार्च को होगा.
और भक्ति को समर्पित हैं.
जो पूजा की पूर्णता के लिए अनिवार्य माना जाता है.
क्योंकि ये धातुएं सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं.
उसे मंदिर या मुख्य द्वार पर लगाने से वास्तु दोष दूर होते हैं.
देवी के चरणों में अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है.
की वस्तुएं माता रानी को भेंट करने की परंपरा है.
इसे अर्पित करने से घर के अन्न और धन के भंडार भरे रहते हैं.
और परिवार में सुख-शांति का वास होता है.
आरोग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है.