चैत्र नवरात्रि 2026 का शुभारंभ 19 मार्च से होगा,

जिसका समापन 27 मार्च को होगा.

Published by: हर्षिका मिश्रा
Image Source: abp live

ये नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की शक्ति

और भक्ति को समर्पित हैं.

Published by: हर्षिका मिश्रा
Image Source: abp live

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का विशेष विधान है,

जो पूजा की पूर्णता के लिए अनिवार्य माना जाता है.

Published by: हर्षिका मिश्रा
Image Source: abp live

शुभता और शुचिता के लिए पीतल या तांबे का कलश घर लाना श्रेष्ठ है,

क्योंकि ये धातुएं सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं.

Published by: हर्षिका मिश्रा
Image Source: abp live

मान्यता है कि नवरात्रि से पहले मोर पंख घर लाने और

उसे मंदिर या मुख्य द्वार पर लगाने से वास्तु दोष दूर होते हैं.

Published by: हर्षिका मिश्रा
Image Source: abp live

घर में बरकत और धन की वृद्धि के लिए सोने या चांदी का सिक्का लाकर

देवी के चरणों में अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है.

Published by: हर्षिका मिश्रा
Image Source: abp live

वैवाहिक जीवन में मधुरता और सुख के लिए सोलह श्रृंगार

की वस्तुएं माता रानी को भेंट करने की परंपरा है.

Published by: हर्षिका मिश्रा
Image Source: abp live

मां दुर्गा को कमल का फूल अति प्रिय है;

इसे अर्पित करने से घर के अन्न और धन के भंडार भरे रहते हैं.

Published by: हर्षिका मिश्रा
Image Source: abp live

इन मांगलिक वस्तुओं को घर लाने से नकारात्मकता का नाश होता है

और परिवार में सुख-शांति का वास होता है.

Published by: हर्षिका मिश्रा
Image Source: abp live

विधि-विधान से की गई इन तैयारियों और पूजा से साधक को मानसिक शांति,

आरोग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है.

Published by: हर्षिका मिश्रा
Image Source: abp live