लंकापति रावण ने भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के दौरान



माता सीता का हरण कर लिया था. रावण माता सीता का हरण करने के बाद



उन्हें लंका ले गया था. इस दौरान माता सीता को महल में रहने के लिए कहा गया था.



इसके बाद रावण ने माता सीता को अशोक वाटिका में रखा था.



ये जगह आज भी श्रीलंका में मौजूद है.



इस जगह को आज सीता एलिया के नाम से जाना जाता है.



इस दौरान सीता अशोक वाटिका में अशोक के



पेड़ के नीच ही अपना ज्यादातर समय व्यतीत करती थीं.



यहां सीता के नाम पर एक मंदिर भी है जो कि अम्मन कोविले नाम से प्रसिद्ध है.



इस इलाके में आज भी अशोक के लाखों पेड़ मौजूद हैं.



इस वजह से इस इलाके को अशोक वाटिका कहा जाता है.