हम जैसी फसल बोते हैं, वैसी ही काटते भी है; ऐसा है कर्म का क्षेत्र



1.कर्म कभी न कभी जरूर सामने आता है, जैसा करोगे वैसा ही भरोगे



2.अच्छे कर्मों की फल प्राप्ति, अंतिम समय पर ही होती है.



3.जीवन में चीजें हमारे पिछले, जन्मों से तय होती हैं



4.कर्मों की गूँज शब्दों की, गूँज से भी ऊंची होती है



5.अपने कर्म से दोस्ती कर लीजिये, बहुत फायदे में रहेंगे.



6.कर्म है जो सब का हिसाब रखता है.



7.कर्म ही जीवन है और मनुष्य का, सबसे बड़ा कर्तव्य भी.



8.जो इंसान कर्म पर भरोसा करता है, जो भाग्य से परेशान नहीं होता है .



9.सफलता और शक्ति के इच्छुक व्यक्ति को, निरंतर अच्छे कर्म करने चाहिए