जैसलमेर फोर्ट का निर्माण 1156 में राजा जैसल ने करवाया था

इसलिए किले का नाम उन्हीं के नाम पर रखा गया

यह किला थार मरुस्थल की त्रिकुटा पहाड़ी के ऊपर बना है

जैसलमेर फोर्ट 30 फुट ऊंची दीवार से घिरा है

किला को बनाने में पीले पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है

किले पर जैसे ही सुबह सूरज की किरणें पड़ती हैं तो यह सोने की तरह चमकने लगता है

इसलिए इसे सोनार का किला या गोल्डन फोर्ट कहते हैं

यह किला रेगिस्तान के बीच में है

इसलिए इसे रेगिस्तान का दुर्ग भी कहा जाता है

इस किले की खूबसूरती देखने टूरिस्ट यहां साल भर आते रहते हैं