आपने रेलवे स्टेशन पर यात्रीगण कृपया ध्यान दें! सुना होगा

लेकिन यह आवाज असल में किसकी है?

यह आवाज सरला चौधरी की है

साल 1982 में उन्होने मध्य रेलवे में घोषणा करने वाले पद के लिए परीक्षा दी थी

रेलवे को अहसास हुआ की इस आवाज से लोग सचमुच ध्यान देते हैं

साल 1986 में उनको स्थायी कर दिया गया

उस समय, सरला को हर स्टेशन पर पहुंचकर घोषणा करनी पड़ती थी

एक एनाउंसमेंट रिकॉर्ड करने में उन्हें तीन से चार दिन तक भी लग जाते थे

सरला चौधरी की प्री रिकॉर्डेड आवाज को आज भी इस्तेमाल किया जाता है

नई ट्रेनों के नाम के लिए बीच में दूसरी आवाज एड कर दी जाती है