पांच दिन के दीपावली महापर्व में चौथे दिन गोवर्धन की पूजा अर्चना की जाती है

हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजन करने का विधान है

गोवर्धन पूजन के दिन घरों में गोबर से गोवर्धन महाराज की प्रतिमा बनाई जाती है

मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण ने देवराज इंद्र का घमंड चूर किया था

भगवान कृष्ण ने अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की थी

गोवर्धन पूजन इस बार दो दिन, 13 और 14 नवंबर को मनाया जा रहा है

पूजा का समय शाम 5 बजकर 25 मिनट से रात 9 बजकर 38 मिनट तक होगा

गोवर्धन पूजन के दिन भगवान कृष्ण के लिए 56 भोग बनाए जाते हैं

साथ ही अन्नकूट का भी भोग लगता है

गोवर्धन पर्वत उत्तर प्रदेश के वृंदावन के पास स्थित है