स्वर्ण मंदिर केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में काफी ज्यादा मशहूर है.



ये सिख धर्म का सबसे बड़ा स्थल है, हर दिन यहां 40 हजार लोगो को नि-शुल्क लंगर कराया जाता है.



इस मंदिर में ऊपरी माले में 400 किलो असली सोने की नक्काशी हो रखी है.



इस मंदिर को हरमंदिर के नाम से भी जाना जाता है, इसलिए यहां दुनिया के सभी धर्मों के लोग आते हैं.



स्वर्ण मंदिर की नींव 1577 में चौथे सिख गुरु रामदास जी ने 500 बीघा में रखी थी.



और पांचवे सिख गुरु अर्जुन देव जी ने सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ की स्थापना की थी.



कहा जाता है, कि अकबर ने गुरु रामदास की पत्नी को मंदिर की भूमि दान में दी थी.



कहा जाता है कि इस मंदिर को कई बार नष्ट करने की भी कोशिश की गई थी.



लेकिन फिर 17वीं शताब्दी में महाराज सरदार सिंह जस्सा आलूवालिया जी के.



द्वारा इस मंदिर को फिरसे बनवाया गया था.