गुप्तकाल को भारत का स्वर्णकाल कहा जाता है

गुप्तवंश की स्थापना लगभग 319-20 ई. में हुई थी

इस समय, कला, व्यापार, विज्ञान आदी के विकास को काफी प्रोत्साहित किया गया था

इस समय कई उच्चतम साहित्य लिखे गए थे

कालीदास ने अभिज्ञान शाकुंतलम्, रघुवंशम् आदी इस काल में लिखी थी

शुद्रक ने मृच्छकटिकतम् नाटक लिखा था

विशाखदत्त ने मुद्राराक्षस नाटक लिखा था

पुराणों की रचना इसी काल में प्रारंभ हुई थी

विष्णुशर्मा ने पंचतंत्र लिखी

रामायण और महाभारत को अंतिम रूप दिया गया