आसमान नीला ही क्यों दिखाई देता है

Published by: एबीपी लाइव
Image Source: pexels

आसमान का नीला रंग सूरज की रोशनी और पृथ्वी के एटमॉस्फियर से जुड़ा है

Image Source: Pexels

सूरज की रोशनी हमें सफेद दिखाई देती है, लेकिन इसमें कई रंग मौजूद होते हैं

Image Source: Pexels

जब सनलाइट एटमॉस्फियर में पहुंचती है तो हवा के छोटे मॉलिक्यूल्स इसे अलग-अलग दिशाओं में स्कैटर करते हैं

Image Source: Pexels

नीली लाइट की वेवलेंथ छोटी होती है, इसलिए यह दूसरे रंगों की तुलना में ज्यादा स्कैटर होती है

Image Source: Pexels

इसी स्कैटरिंग की वजह से हमें आसमान ज्यादातर नीला दिखाई देता है, इस प्रक्रिया को रेले स्कैटरिंग कहा जाता है

Image Source: pexels

सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूरज की रोशनी को एटमॉस्फियर में ज्यादा लंबा रास्ता तय करना पड़ता है

Image Source: Pexels

इस दौरान ब्लू लाइट ज्यादा स्कैटर हो जाती है और लाल-पीले रंग ज्यादा दिखाई देती है

Image Source: Pexels

बादल, धूल और पॉल्यूशन की मात्रा बढ़ने पर आसमान का रंग भी बदल सकता है

Image Source: Pexels

इसलिए आसमान का नीला दिखना सनलाइट की स्कैटरिंग का नतीजा है

Image Source: pexels