शराब पर जीएसटी प्रणाली के जरिए टैक्स लिया जाता है

राज्यों की सरकार शराब पर अपने-अपने हिसाब से टैक्स लगाती है

सरकार शराब बनाने और बेचने पर टैक्स लगाती है

जिसे एक्साइज ड्यूटी के नाम पर लिया जाता है

शराब पर स्पेशल सेस, ट्रांसपोर्ट फीस, लेबल और रजिस्ट्रेशन जैसे चार्ज लगते हैं

शराब की एक बोतल पर 35 से 50 फीसदी कर लगता है

एक हजार की बोतल पर 350 या 500 तक कर लगता है

एक हजार की बोतल पर 350 से 500 रुपये सरकार के खाते में जाते हैं

भारत के हर राज्य में शराब का कर अलग है

शराब पीना सेहत के लिए हानिकारक होता है