चोल राजवंश का नई संसद से है पुराना नाता



चोल राजवंश से जुड़ा है संसद में स्थापित सेंगोल का इतिहास



850 ईसा पूर्व पहले चोल राजवंश की हुई थी स्थापना



इसके बाद कई राजाओं ने चोल राजवंश के दौरान किया शासन



विजयालय के बाद परांतक प्रथम ने चोल राजवंश को था संभाला



परांतक प्रथम ने पांड्यों की राजधानी मदुरै पर की थी जीत हासिल  



1279 ईसा पूर्व राजेंद्र तृतीय के समय चोल साम्राज्य का हो गया था खात्मा



पांड्या राजाओं ने फिर से अपनी सत्ता के लिए छेड़ दिया था अभियान



राजेंद्र तृतीय के समय पांड्यों से हार गए थे चोल साम्राज्य के सैनिक



इसके बाद चोल राजवंश का पूरी तरह हो गया था खात्मा