चाणक्य नीति में यह भी बताया गया है कि



व्यक्ति किस तरह जीवन के संघर्ष को कम कर सकता है.



चाणक्य नीति में यह भी बताया था कि व्यक्ति को



अपने जीवन में किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए,



और पालन करना चाहिए. आइए जानते हैं-



किसी भी धर्म में यदि दया भाव ना हो तो उसे शीघ्र अति शीघ्र त्याग देना चाहिए.



हर व्यक्ति के स्वभाव में मधुरता और दया का भाव होना बहुत जरूरी है.



परिवार के सदस्यों में प्रेम ना होने पर व्यक्ति को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है.



एक श्रेष्ठ व्यक्ति को उसके स्वाभाव और त्याग के भाव से पहचाना जाता है.



और समय-समय पर उसकी परीक्षा ली जाती है.