चतुर्थी तिथि ज्ञान, बुद्धि, सिद्धि और समृद्धि के

देवता गणेश की प्रिय तिथि है.

इस दिन व्रत रखने से आध्यात्मिक लाभ और जीवन को

सकारात्मक दिशा मिलती है.

संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने से बुद्धि

और एकाग्रता बढ़ती है.

चतुर्थी व्रत के प्रभाव से जीवन में आने वाली

बाधाएं दूर होती हैं.

संतान प्राप्ति या संतान की दीर्घायु के लिए भी

संकष्टी व्रत फलदायी होता है.

संकष्टी चतुर्थी पर चंद्र पूजन का महत्व है, इससे

मन और इंद्रिया नियंत्रित रहती है.

चंद्रमा के दर्शन और पूजन के बाद ही

संकष्टी चतुर्थी का व्रत खोला जाता है.

शास्त्रों के अनुसार संकष्टी चतुर्थी व्रत से पापों

का क्षय और पुण्य में वृद्धि होती है.